भाजपा सांसद डॉ. यशवंत सिंह
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सांसद डॉ. यशवंत सिंह सभी जातियों के वोटों से सांसद बने हैं। केवल दलितों की बात कहकर उन्होंने जातिवाद को बढ़ावा दिया है। यह घटिया मानसिकता है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। - महेंद्र धानौरिया, उपाध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश, भाजपा
डॉ. यशवंत सिंह ने केवल दलितों की बात की है, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। सांसद को सभी जातियों ने वोट दिया है। सांसद को अगर प्रधानमंत्री से बात करनी थी तो संपूर्ण हिंदुत्व के विकास और उत्थान की बात करनी थी। - पुरुषोत्तम अग्रवाल, नगर अध्यक्ष, भाजपा
आरके सिंह भी कर चुके हैं आवाज बुलंद
सांसद डाक्टर यशवंत सिंह के अलावा दलितों के जिले के मजबूत नेता सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आरके सिंह ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दलितों के वर्गीकरण व एससीएसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बदलाव के विरोध में आवाज बुलंद की है। आरके सिंह भी जिले के दलितों के कद्दावर नेता हैं। उनकी पत्नी ओमवती कई बार विधायक, मंत्री व सांसद रह चुकी हैं। आरके सिंह भी लोकसभा चुनाव में अपनी पत्नी के लिए नगीना सीट से टिकट मांग रहे थे। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी को टिकट दिया पर ओमवती चुनाव हार गईं। आरके सिंह के भी भाजपा का दामन छोड़ किसी अन्य दल में जाने की चर्चा है, लेकिन आरके सिंह भाजपा को छोड़ने की बात को गलत बताते हैं।
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