फोरेंसिक लैब संबंधित साक्ष्य आरोपियों की अधिवक्ता को दिखाए गए
नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 351 कार्यवाही पूरी होना बाकी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। ब्रह्मपुरी के नीले ड्रम वाले बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला की बुधवार को न्यायालय में पेशी नहीं हुई। हालांकि डीजीसी का कहना है कि फोरेंसिक लैब से संबंधित साक्ष्य आरोपियों की अधिवक्ता को दिखाए गए। इस केस में अब 18 अप्रैल को आरोपियों की पेशी होगी और नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 351 कार्यवाही पूरी की जाएगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि सौरभ हत्याकांड की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार की अदालत में चल रही है। तीन मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा था। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इसके बाद इस केस में गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अब नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 351 (पहले सीआरपीसी की धारा 313) की कार्यवाही चल रही है। इसके बाद अंतिम बहस शुरू होगी। उम्मीद है कि इस केस में इसी माह फैसला आ सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से 18 अप्रैल को भी आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हो सकती है। न्यायालय के आदेश पर ही उन्हें कोर्ट में पेशी पर बुलाया जाएगा।
इन्होंने दी है गवाही
इस केस में सौरभ के भाई बबलू, रिपोर्ट दर्ज करने वाले हेड मोहर्रिर बृजेश कुमार, सौरभ की मां रेणू, मृतक के दोस्त सौरभ कुमार, चाकू छुरी विक्रेता राकेश, नीला ड्रम बेचने वाले सैफुद्दीन और बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान चलाने वाले आशु, दवा लिखने वाले डॉ. अरविंद कुमार देशवाल, दवाई देने वाले उषा मेडिकल स्टोर संचालक अमित जोशी, नीले ड्रम को काटने वाले अशोक, पंचनामा भरने वाले दरोगा धर्मेंद्र गौड़, पोस्टमार्टम करने वाले डॉ दिनेश सिंह चौहान, कैब चालक अजब सिंह, पहले विवेचक एसआई कर्मवीर सिंह और चार्जशीट दाखिल करने वाले विवेचक इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी, जियो मोबाइल कंपनी के नोडल अधिकारी लोकेश कुमार, शिमला, मनाली और कसौल के होटलों के तीन मैनेजरों और सौरभ के बचपन के दोस्त संजीव पाल की गवाही हो चुकी है।