अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने रखे गवाहों द्वारा सत्यापित किए गए साक्ष्य
आरोपियों की सीडीआर व लोकेशन आदि के साक्ष्य भी न्यायालय में दिखाए
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के नीले ड्रम वाले बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में मंगलवार को जिला न्यायालय में दूसरे चरण में फाइनल बहस शुरू हो गई। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के सामने गवाहों द्वारा सत्यापित किए गए साक्ष्य पेश किए। उन्होंने बताया कि सौरभ की पत्नी हत्यारोपी मुस्कान व उसके प्रेमी साहिल शुक्ला की निशानदेही पर ही मौका-ए-वारदात के पास से नीले ड्रम से शव के तीन टुकड़े बरामद किए गए थे।
जिला जज अरविंद मिश्रा की अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने न्यायालय में फाइनल बहस की। उन्होंने बताया कि आरोपियों मुस्कान व साहिल को लेकर ब्रह्मपुरी थाना पुलिस सौरभ के किराये के घर पहुंची थी। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने शव के अलावा, छुरा आदि भी बरामद किए थे। हत्या के बाद मुस्कान सौरभ का मोबाइल लेकर साहिल के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने गई थी। उनके मोबाइल की सीडीआर आदि के साक्ष्य पेश किए गए। कोर्ट को यह भी बताया कि गवाहों ने यह साक्ष्य सत्यापित किए हैं। जिन होटलों में दोनों ठहरे थे। उनके बयान भी दर्ज किए गए थे। सौरभ के दोस्त ने मुस्कान के मोबाइल पर कॉल की थी। उसकी भी गवाही कराई गई थी। अब इस केस में बुधवार को भी फाइनल बहस होगी।
इससे पहले उन्होंने कोर्ट में बताया था कि ब्रह्मपुरी थाने में 18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई बबलू ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बबलू ने कहा था कि उनके भाई सौरभ ने मुस्कान से प्रेम विवाह किया था। सौरभ ने उसे बताया था कि वर्ष 2019 से उसकी पत्नी मुस्कान के साहिल शुक्ला से संबंध हैं। सौरभ ने कहा था कि मुझे मुस्कान और साहिल से जान का खतरा बना हुआ है। बबलू ने कहा कि वह और उसके पिता मुस्कान को समझाते रहते थे। तीन मार्च से सौरभ का कोई अता-पता नहीं था।
ये है नीले ड्रम में शव के टुकड़े भरने की वारदात
ब्रह्मपुरी निवासी सौरभ राजपूत लंदन के एक मॉल में काम करता था। इससे पहले वह मर्चेंट नेवी में काम कर चुका था। वह बेटी पीहू और पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाने लंदन से 24 फरवरी 2025 को अपने घर आया था। सौरभ ने 25 फरवरी को बेटी पीहू और 27 फरवरी को पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया था। इसके बाद तीन मार्च 2025 की रात को उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सीने में चाकू घोंपकर और छुरी से गर्दन काटकर उसकी हत्या कर दी थी।
हत्या के बाद दोनों ने शव के टुकड़े कर उसे प्लास्टिक के नीले ड्रम में डाले और ऊपर से सीमेंट का घोल डालकर सील कर दिया था। वारदात के बाद पांच मार्च को दोनों घूमने के लिए हिमाचल प्रदेश चले गए थे। रुपये खत्म होने पर 17 मार्च को दोनों मेरठ लौट कर आए थे। 18 मार्च को आरोपियों की निशानदेही पर नीला ड्रम बरामद किया। खून से सने कपड़े, वारदात में प्रयोग की गई छुरी आदि बरामद किए गए। 19 मार्च पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। तभी से दोनों जिला कारागार में बंद हैं। मुस्कान ने जेल में बेटी को भी जन्म दिया है।