दिल्ली रोड पर नवनिर्मित दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में उमड़े श्रद्दालु
आचार्य वासुनंदी के शिष्य हर्षमन उपाध्याय जल्द पहुंचेंगे मेरठ
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दिल्ली रोड स्थित नवनिर्मित दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में रविवार को सौधर्म इंद्र और सची इंद्राणी का भव्य तिलक एवं आमंत्रण समारोह हुआ। साधु सेवा समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में चयनित सौधर्म इंद्र मनोज जैन और सची इंद्राणी त्रिशला जैन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने तिलक लागाकर भेंट देकर स्वागत और सम्मान किया। समारोह में बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद सौधर्म इंद्र व सची इंद्राणी को रजत मुकुट धारण कराया गया। वह चांदी के सिंहासन पर विराजमान हुए। साधु सेवा समिति के पदाधिकारियों ने तिलक किया। इसके बाद जैन समाज के लोगों ने पुष्प माला, शॉल और भेंट अर्पित कर शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम स्थल जय जिनेंद्र और सौधर्म इंद्र की जय के जयकारों से गूंज उठा। आयोजकों ने जैन समाज के लोगों से 28 नवंबर से 3 दिसंबर तक चलने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
आयोजन को लेकर धर्म प्रेमियों को आचार्य वासुनंदी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। उनके शिष्य वात्सल्य मूर्ति हर्षमन उपाध्याय, वृषभानंद मुनिराज ससंघ भी जल्द शहर में आ रहे हैं। कार्यक्रम में कमला नगर जैन समाज के अध्यक्ष सुरेश चंद्र ऋतुराज, साधु सेवा समिति के सभी पदाधिकारी, वीर नगर, शास्त्रीनगर, दिल्ली रोड सहित शहर के सभी जैन मंदिरों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूरा हुआ सौधर्म इंद्र बनने का सपना : मनोज
वीर नगर निवासी मनोज जैन ने बताया कि उनकी वर्षों पुरानी मनोकामना थी कि वे किसी पंचकल्याणक महोत्सव में सौधर्म इंद्र बनें। आज वह स्वप्न साकार हो रहा है। सौधर्म इंद्र मनोज जैन ने कहा कि बचपन से ही माता पिता स्वर्गीय त्रिलोकचंद जैन और स्वर्गीय महावीरी जैन ने धर्म के संस्कार दिए। वीर नगर दिगंबर जैन समाज में छह वर्ष अध्यक्ष और छह वर्ष महामंत्री रहते हुए समाजसेवा का अवसर मिला। आज यह पंचकल्याणक महोत्सव जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।