दौराला - दौराला में कथा का वर्णन करतीं कथा वाचिका आराधिका। स्रोत : आयोजक
दौराला। कस्बे के आर्य समाज परिसर में शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को कथा वाचिका आराधिका ने राजा परीक्षित और सुखदेव की कथा का वर्णन किया। कथा सुनने के लिए महिलाएं और पुरुष श्रद्धालु काफी संख्या में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भजनों पर नृत्य किया।
कथा वाचिका ने श्रद्धालुओं से कहा कि सत्संग से हमारा आचरण उत्तम बनता है। इसी कारण ही समाज में सम्मान मिलता है, वजूद बढ़ता है। इसके बाद उन्होंने राजा परीक्षित और सुखदेव की कथा का वर्णन किया। कथा के बीच-बीच में उन्होंने भजनों की प्रस्तुति दी। भजन सुनकर श्रद्धालु जमकर झूमे। पुरुषोत्तम उपाध्याय ने कहा कि मानव हृदय ही संसार सागर है, जिसमें अच्छे बुरे विचार का मनन होता रहता है। कथा के मुख्य यजमान विरेंद्र शर्मा रहे। मुख्य अतिथि घनश्याम ने कथा वाचिका का माल्यार्पण करके सम्मान किया। इस मौके पर बीना, मीना, जतिन, वैभव, सचिन, जगपाल, मोहित, संदीप, आदि मौजूद रहे।
दौराला - दौराला में कथा का वर्णन करतीं कथा वाचिका आराधिका। स्रोत : आयोजक