Meerut News: सरताज ने जमीन के लिए 37.50 लाख रुपये लिए थे लेकिन उपेंद्र को कोई हिस्सा नहीं दिया था। इसी के चलते उसने सरताज को रास्ते से हटाने की साजिश रच दी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा और बाइक बरामद की है।
मुंडाली पुलिस और स्वॉट टीम ने सरताज हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। उसकी हत्या 37.50 लाख रुपये नहीं देने पर की गई थी। पुलिस मुठभेड़ में इस हत्याकांड के चार आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। इनमें जिसौरा मुंडाली निवासी जुल्फे उर्फ जुल्फिकार के पैर में गोली लग गई। अन्य तीन आरोपी जिसौरा निवासी रोहिल, अटौला निवासी कपिल और मनोज हैं। आरोपियों से तमंचे और घटना में प्रयोग की गई बाइक बरामद की गई है। जुल्फे के खिलाफ 53 और रोहिल के खिलाफ 24 केस दर्ज हैं।
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एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि पांच अक्तूबर को जिसौरा निवासी सरताज की हत्या कर दी गई थी। शव को सिंभावली हापुड़ के जंगल में ले जाकर फेंक दिया गया था। इस मामले में रोहिल समेत नौ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
बृहस्पतिवार सुबह स्वॉट टीम देहात व मुंडाली पुलिस जिसौरी मार्ग पर चेकिंग कर रही थी। तभी काला आम चौराहा की ओर एक बाइक सवार को रोका गया। उसने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। इसकी पहचान जुल्फे के रूप में हुई। उसे जिला अस्पताल भेजा गया। बाद में उसके तीन अन्य साथी दबोचे गए।
एसपी देहात ने बताया कि रोहिल का सरताज से पुराना विवाद चल रहा था। सरताज उसे जेल भिजवाने की बात करता था। इस कारण दोनों के बीच रंजिश थी। सरताज ने अटौला के कपिल व मनोज के माध्यम से अटौला के ही उपेंद्र के हाथ से ही जमीन दिलवाने के लिए 37.50 लाख रुपये लिए थे लेकिन सरताज ने उपेंद्र को कमीशन या कोई पैसा नहीं दिया।
कपिल व मनोज पैसे मांगते तो सरताज टालता था। इससे तंग आकर कपिल व मनोज ने अपने साथी जुल्फे और रोहिल को हत्या की साजिश में शामिल किया। इसके लिए छह लाख रुपये की डील हुई। एक लाख रुपये नकद भी दिए गए।
घटना में प्रयुक्त शस्त्र रोहिल ने जुल्फे को उपलब्ध कराया। जुल्फे प्रदीप का बाग दिखाने का बहाना बनाकर सरताज को शरीफपुर थाना क्षेत्र सिम्भावली हापुड़ के जंगल में बाइक पर ले गया। यहां अपने साथी की मदद से उसकी हत्या कर दी। शव छिपाने के लिए जुल्फे ने गोली लगा शव नाले में फेंक दिया। सरताज के खिलाफ शहर और देहात के विभिन्न थानों में कई केस दर्ज हैं।