मुस्लिम-दलितों में बुधवार शाम को खूनी संघर्ष हो गया। आरोप है एक पक्ष ने पंचायत की और फिर हमला बोला। पथराव हुआ, गोलियां भी चलाई गईं। संघर्ष एक महिला समेत करीब 10 लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि चार दिन पहले क्रिकेट खेलने पर दो पक्षों में विवाद हुआ था। तभी से दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति थी। इसकी जानकारी लगने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा। गांव में पुलिस फोर्स तैनात किया गया। दोनों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर तहरीर दी है।
मामला सरधना क्षेत्र के पोहल्ली गांव का है। चार दिन पहले गांव में क्रिकेट टूर्नामेंट हुआ था। जिसमें दलित और मुस्लिम पक्ष के लड़कों में मारपीट और पथराव हो गया था। ग्रामीणों ने दोनों पक्षों में समझौता कराया था। बुधवार शाम दो पक्षों में फिर से खूनी संघर्ष हो गया। आरोप है कि एक पक्ष ने पहले पंचायत की और फिर दूसरे पक्ष के घरों पर हथियारों से लैस होकर हमला बोला। जिसमें बंटी पुत्र हरफूल, नीरज पुत्र बिजेंद्र, प्रवेश पुत्र सुनील, अंकेश पुत्र जयभगवान और सोराज पुत्र अमर सिंह व उसकी पत्नी ललिता घायल हो गई।
हमलावरों ने गोलियां भी चलाई है, जिसमें बंटी, नीरज ओर प्रवेश को छरे भी लगे है। जानकारी लगते ही दूसरे पक्ष के लोगों ने हमलावरों के घरों पर पथराव किया। जिसमें मान, समीर सद्दीक और ताहिर भी घायल होना बताया। दोनों समुदाय के लोगों में टकराव की स्थिति बन गई। जानकारी लगते ही इंस्पेक्टर सरधना मनोज कुमार मिश्रा पुलिस लेकर गांव पहुंचे। हालात बेकाबू होते देखकर गांव में पुलिस की फोर्स बुलाकर तैनात किया। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों से तहरीर आनी बताई है। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करेंगे।
पंचायत के बाद हुआ हमला
दलित पक्ष से घायल बंटी ने बताया कि हमला करने से पहले हमलावरों की गुपचुप तरीके से पंचायत हुई थी। जिसमें हमले की प्लानिंग बनाई गई। इस हमले में ग्राम प्रधानपति नूर आलम भी शामिल होना बताया। पुलिस ने मामले की जांच कराने की बात कही। घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। दलित पक्षों ने सरधना थाने में प्रधानपति समेत दर्जनों लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
फेरी से लौटे दो युवक पीटे
ग्राम प्रधानपति नूर आलम ने बताया कि शाम को आकिब अंसारी और अनस फेरी करके लौट रहे थे। तभी दलित पक्ष के दर्जनों युवकों ने उनके साथ मारपीट की और घरों पर पथराव कर दिया। उनके पक्ष से चार लोग मान, समीर सद्दीक और ताहिर घायल हुए है। पंचायत कर हमला करने का आरोप गलत है। दलितों ने क्रिकेट मैच के दौरान भी हमला किया था।
दोनों पक्षों का थाने पर हंगामा
पहले दलित पक्ष ने थाने पर जाकर हंगामा किया और मुस्लिम पक्ष पर हमले का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद प्रधानपति नूर आलम भी दर्जनों लोगों को साथ लेकर सरधना थाने पर पहुंचे। उन्होंने भी दलित पक्ष पर आरोप लगाकर हंगामा किया। कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दोनों पक्ष को जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन देकर थाने से भेजा।