माछरा। मेरठ-गढ़ मार्ग पर गांव मेघराजपुर में स्थित पदमावती उमेशचंद सरस्वती शिशु मंदिर में आरएसएस के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विद्या भारती द्वारा सप्तशती संगम का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीण क्षेत्रे से करीब 250 माताएं-बहनें उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से किया गया। अध्यक्षता मिथलेश तोमर ने की।
मुख्य अतिथि अर्जुन अवार्डी महिला पहलवान अलका तोमर ने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि आज के समय में बहनें किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वह यदि संकल्प लें तो किसी भी क्षेत्र में जीत हासिल कर सकती हैं। मुख्य वक्ता अंशु शर्मा ने समाज में महिलाओं की भूमिका का वर्णन किया और कहा कि पुरुषों का सम्मान करते हुए हमें प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ना है। इसी दौरान गार्गी श्रीवास्तव ने संघ द्वारा बताएं गए पंच परिवर्तन का उल्लेख करते हुए कुटुंब प्रबोधन के विषय में माताओं-बहनों को जानकारी दी। एक नारी की परिवार में क्या भूमिका है। बहन निधि द्वारा कार्यक्रम मे प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम रखा गया। इसमें बहनों ने जिज्ञासा पूर्ण प्रश्नों के उत्तर दिए। छोटी बहनों ने अहिल्याबाई, लक्ष्मीबाई, जीजाबाई के अभिनय के रूप में उनके चरित्र को प्रस्तुत किया। क्षेत्र की विशिष्ठ बहनों, माताओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना संयोजिका मेहता ने प्रस्तुत की। शिप्रा द्वारा सभी को संकल्प दिलाया गया इस दौरान सरिता, सर्वेश, निधि, नेहा सभी का सहयोग रहा तथा संचालन हेमा द्वारा किया गया।
पदमावती उमेशचन्द सरस्वती शिशु मंदिर में आरएसएस के 100वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम मे प्