समाजवादी पार्टी के विधायक गुलाम मोहम्मद विजिलेंस के साथ ही अल्पसंख्यक आयोग उत्तर प्रदेश की जांच के दायरे में आ गए हैं। दोनाें ही विभागों ने प्राप्त शिकायतों पर जिलाधिकारी को जांच के लिए पत्र लिखा है। जिस पर एसडीएम सदर को जांच अधिकारी नियुक्त किया जा रहा है। गुलाम मोहम्मद पर प्रबंध समिति के साथ मिलकर वित्तीय अनियमितताओं के साथ ही नियम विरुद्ध नियुक्ति के आरोप हैं।
सिवालखास से सपा विधायक गुलाम मोहम्मद फैज-ए-आम इंटर कालेज मेरठ में प्रधानाचार्य भी हैं। उनके खिलाफ कुंवर सईद अहमद एडवोकेट ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायतें की हुई हैं। जिसमें वक्फ संपत्ति से होने वाली आय के साथ पीटीए फंड का करोड़ों रुपये गबन करने, नियम विरुद्ध तरीके से नियुक्ति करने, शासन को धोखे में रखकर राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने आदि आरोप हैं। सईद अहमद ने यह भी आरोप लगाया है कि वर्ष 1995 में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल कराने के आरोप में थाना देहली गेट में मुकदमा दर्ज हुआ था और फैज-ए- आम इंटर कालेज को चार साल के लिए बोर्ड परीक्षा का केंद्र न बनाने के लिए ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया था। उस समय गुलाम मोहम्मद प्रधानाचार्य थे। लेकिन पुरस्कार प्राप्त करने के लिए वह इस तथ्य को छिपा गए।
इन तमाम मामलों पर विजिलेंस विभाग के साथ ही प्रदेश के अल्पसंख्यक आयोग से अब जिलाधिकारी को पत्र आया है। जिसमें कुछ बिंदुओं पर गुलाम मोहम्मद और प्रबंध समिति पर लगे आरोपों की जांच के लिए कहा गया है। इन पत्रों के आधार पर एसडीएम सदर को यह जांच सौंपी जा रही है।