समाजवादी पार्टी में ऊपरी स्तर पर चल रही कलह नीचे तक आ गई है। सरधना में अतुल प्रधान का टिकट काटकर पिंटू राणा को टिकट दिया गया। अब पिंटू राणा समर्थकों का आरोप है कि अतुल प्रधान ने पिंटू राणा के होर्डिंग को हटवाकर अपने लगवा दिए हैं। पिंटू को शिवपाल का खास माना जाता है तो अतुल प्रधान टीम अखिलेश के माने जाते हैं। सपा की कलह के कारण पार्टी सरधना में सीधे तौर पर दो धड़ों में बंटती जा रही है। अतुल प्रधान का टिकट कटने के बावजूद वे क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय हैं। पिंटू राणा जहां सपा प्रत्याशी के तौर पर प्रचार कर रहे हैं तो अतुल के पोस्टरों पर भी प्रत्याशी ही लिखा हुआ है।
फलावदा, शाहपुर, नैडूृ, रावती, महलका आदि स्थानों पर पोस्टरोें को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी चल रही है। पिंटू समर्थकों का कहना है कि शाहपुर गांव में मंगलवार को होर्डिंग फाड़ दिया गया था। इसके अलावा कई जगहों पर पिंटू राणा के पोस्टर हटाकर अतुल प्रधान के लगा दिए गए। हालांकि अतुल समर्थकों का अपना तर्क हैं। उनका कहना है कि यहां पर पहले होर्डिंग अतुल प्रधान के लगे हुए थे। बात सिर्फ होर्डिंग हटाने या लगाने तक की नहीं है। अतुल प्रधान की ओर से जो होर्डिंग लगे हैं, उनमें प्रत्याशी अतुल प्रधान को ही बताया गया है। इसके अलावा अतुल प्रधान के होर्डिंग में केवल अखिलेश यादव की फोटो है और अखिलेश के साथ मुलायम सिंह यादव का नाम है। इनमें कहीं भी शिवपाल यादव का नाम नहीं है। वहीं दूसरी ओर पिंटू राणा की ओर से लगाए होर्डिंग में अखिलेश और मुलायम सिंह यादव के फोटो तो हैं लेकिन शिवपाल यादव को बड़ा लगाया गया है।
प्रत्याशी घोषित होने के बाद पिंटू राणा ने सरधना विधानसभा में लगातार प्रचार आरंभ कर दिया। रोड शो में भीड़ जुटाकर पिंटू ने क्षेत्र में सपा प्रत्याशी के नाते गांव-गांव जाना आरंभ कर दिया। इसी दौरान क्षेत्र में पिंटू राणा के समर्थन ने होर्डिंग लगाए हैं। मंगलवार को पिंटू समर्थकों ने आरोप लगाया कि उनके होर्डिंग अतुल प्रधान के समर्थकों ने फाड़ दिए। बुधवार को तो कई स्थानों पर पिंटू राणा की जगह अतुल प्रधान के होर्डिंग दिखाई दिए। इनमें अतुल प्रधान के साथ केवल अखिलेश यादव का फोटो है और मुलायम सिंह यादव एवं समाजवादी पार्टी जिंदाबाद लिखा गया है।
अभी और बढ़ेगा घमासान
सपा में चल रही गुटबाजी लगातार बढ़ती जा रही है। तीन टिकट कटने के बाद सपा में घमासान तेज हो गया। शहर सीट पर अय्यूब अंसारी के साथ पार्टी के नेता खड़े होते दिखाई नहीं दे रहे हैं तो आरती अग्रवाल भी कैंट से अभी अपने स्तर पर ही प्रचार कर रही हैं। सरधना में तो खुलेआम समर्थन एवं विरोध चल रहा है।