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वेदों की वैज्ञानिक भाषा है संस्कृत : प्रो. वीरपाल सिंह

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मेरठ। बौद्धिक काल भारतीय प्राचीन संस्कृति का महत्वपूर्ण खंड है। हम जानते हैं कि वेदों की वैज्ञानिक भाषा संस्कृत है। यूनेस्को ने सात नवंबर 2003 को वेदों को मानव रचित सर्वश्रेष्ठ कृति घोषित किया। 19वीं शताब्दी में भारत, अफ्रीका और अमेरिका के प्रबुद्ध वर्ग के अनुभवों से सीखकर यूरोप में राष्ट्र राज्य का उदय हुआ। ऐसे ही अध्ययनकर्ताओं को प्रबुद्ध वर्ग कहा जाता है। यह जानकारी प्रज्ञा प्रवाह के तीनों प्रांत भारतीय प्रज्ञान परिषद, देवभूमि विचार मंच एवं प्रज्ञा परिषद के क्षेत्रीय अभ्यास वर्ग के तृतीय सत्र भारतीय प्रज्ञान परिषद प्रज्ञा प्रवाह मेरठ के प्रांत संयोजक प्रोे. वीरपाल सिंह ने दी।
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उन्होंने कहा कि जब सोवियत संघ के स्टालिन की मृत्यु हुई तब जवाहरलाल नेहरू ने संसद में कहा था कि हम सभी स्टालिन युग के बच्चे हैं। इसीलिए भारत में भी ऐसे लोगों, इतिहासकारों को प्रबुद्ध वर्ग कहा जाने लगा, जो पश्चिमी संस्कृति के वशीभूत राजनेताओं के समर्थन मतवाद को प्रचारित करते थे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर वीके सारस्वत ने किया। प्रज्ञा प्रवाह के क्षेत्रीय अभ्यास वर्ग में प्रमुख रूप में डॉ. प्रवीण कुमार, इंजीनियर अवनीश त्यागी, डॉ. चैतन्य भंडारी, डॉ. दिनेश सकलानी, डॉ. अंजलि वर्मा, डॉ. आदर्श पांडेय आदि मौजूद रहे।
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