जिला जेल के बराबर में शिफ्टिंग के विरोध में सूरजकुंड स्थित संप्रेक्षण गृह में किशोरों ने बुधवार रात फिर बवाल कर दिया। रात करीब 12:30 बजे किशोरों ने पार्क की तरफ का जंगला उखाड़ते हुए दीवार तोड़ने की कोशिश की। जिसके बाद छत पर चढ़कर पुलिस पर पथराव कर दिया। किशोरों के फरार होने की आशंका पर पहुंची कई थानों की फोर्स ने संप्रेक्षण गृह की चौतरफा घेराबंदी कर ली। किशोरों ने छत पर सिलेंडर ले जाकर आग लगाने की धमकी दे दी।
बवाल की शुरूआत रात करीब 11 बजे हुई। किशोरों ने अचानक अपने कमरों से हल्ला मचाना शुरू कर दिया। वे कमरों के दरवाजे पीटने लगे। स्टाफ कुछ समझ पाता, किशोर मुंह पर कपड़ा बांधकर लाठी डंडे लेकर संप्रेक्षण गृह की छत पर जा चढ़े। परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। सूचना पर नौचंदी पुलिस पहुंची तो किशोरों ने गालीगलौज शुरू कर दी। पुलिस से वापस जाने की बात कहकर फिर से पत्थरबाजी शुरू कर दी।
मौके पर एएसपी कैंट सिद्धार्थ, सीओ कोतवाली, एसीएम ज्योति राय, डीपीओ पुष्पेंद्र सिंह भी पहुंच गए। इस बीच कुछ पुलिसकर्मियों ने बताया कि कई किशोर संप्रेक्षण गृह के पीछे पार्क की तरफ की दीवार तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। एक जंगला उखाड़ दिया है। यह देख पुलिस के पसीने छूट गए। किशोरों के दीवार तोड़कर भागने की आशंका देख करीब 12:30 बजे कई थानों की पुलिस और पीएसी ने घेराबंदी कर ली।
किशोर संप्रेक्षण गृह को जेल की तरफ शिफ्ट करने और बागपत के किशोरों को ट्रांसफर करने का विरोध कर रहे थे। एएसपी और एसीएम ने लाउडस्पीकर के जरिए किशोरों से बात करने की कोशिश की तो वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। इसके बावजूद छत पर सिलेंडर चढ़ गए और आग लगाने की धमकी देने लगे। एएसपी सिद्धार्थ और इंस्पेक्टर नौचंदी हरशरण शर्मा ने बताया कि किशोरों से बात कर माहौल शांत करने की कोशिश हो रही है।