मेरठ। मेडिकल कॉलेज की न्यूरो सर्जरी टीम ने एक और कामयाबी हासिल की है। बागपत के खेकड़ा निवासी 13 वर्षीय समद को जन्म से ही दुर्लभ बीमारी फ्रंटोएथमॉइडल एन्सेफैलोसील थी। इसके चलते बच्चे के दिमाग की झिल्ली नाक और माथे की हड्डियों के बीच बने छिद्र से बाहर आ रही थीं। यह सांस व खांसी के साथ अंदर-बाहर धड़कती थीं। इससे बच्चे को बार बार दिमागी बुखार, गर्दन में अकड़न और आंखों से दिखाई न देने की समस्या हो रही थी। उसकी सफल सर्जरी कर बच्चे को नई जिंदगी दी गई।
परिजनों के अनुसार निजी अस्पतालों में इसका लाखों का खर्च बताया गया। अंत में परिजन मेडिकल कॉलेज के पीएमएसएसवाई सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में न्यूरोसर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अखिल प्रकाश शर्मा के पास पहुंचे। विशेषज्ञ टीम ने सभी जरूरी जांच के बाद जटिल ऑपरेशन किया। सर्जरी में दिमाग की झिल्ली को सावधानी से अलग कर छिद्र को टाइटेनियम मेश से पूरी तरह बंद कर दिया गया। ऑपरेशन सफल रहा और समद अब स्वस्थ है।
यह जटिल सर्जरी न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अखिल प्रकाश शर्मा, डॉ. प्रशांत शर्मा, डॉ. वसीम, डॉ. रुपेश और डॉ. राहुल की टीम ने मिलकर की। डॉ. अखिल प्रकाश शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन सरकार की गाइडलाइन के अनुसार किया गया है। प्राचार्य मेडिकल कॉलेज ने डॉ. अखिल प्रकाश शर्मा और उनकी पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी गईं।