- सीसीएसयू के इतिहास विभाग में जन्मदिवस पर हुआ समारोह
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में बुधवार को वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का 200वां जन्मदिवस समारोह मनाया गया। इसमें वीरांगना को नमन कर उनके बलिदान को याद किया गया।
इस दौरान विभाग में परिचर्चा भी कराई गई। इसमें प्रो. विघ्नेश कुमार ने कहा कि मनु बाई से रानी लक्ष्मीबाई बनीं इस वीरांगना ने अस्त्र-शस्त्र में महारत हासिल की थी। नाना साहब पेशवा के साथ उनकी शिक्षा हुई। मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी...जैसे कथन को कुछ लोग जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं, जबकि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अतुलनीय है।
विभागाध्यक्ष प्रो. केके शर्मा ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई महिला सशक्तिकरण की मिसाल हैं। अंग्रेजों ने भी उनकी बहादुरी को स्वीकार किया था। प्रो. आराधना ने उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। परिचर्चा में डॉ. कुलदीप त्यागी, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. मनीषा, डॉ. शालिनी, प्रज्ञा सहित आलोक कुमार, शुभांगी, शाह रजा, हिमानी, शुभम, दीपक के साथ ही शोधार्थी भी उपस्थित रहे।