वाणिज्य कर विभाग ने टैक्स चोरी रोकने के लिए मेगा प्लान बनाया है। इसके तहत 14 आइटमों की खरीद और बिक्री पर ज्यादा फोकस रहेगा। स्पेशल इन्वेस्टीगेशन ब्रांच (एसआईबी) और सचल दल टीमों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वहीं, बागपत में तीन अतिरिक्त यूनिट लगाई गई हैं।
एडिशनल कमिश्नर व्यापार कर विनोद कुमार सिंह के अनुसार विभाग द्वारा चलाए अभियान में 173 व्यापारियों की जांच के दौरान विभागीय टीमों ने 843 करोड़ का अपंजीकृत टर्नओवर पकड़ा है। जिसके बाद करीब चार करोड़ से अधिक का टैक्स जमा हो चुका है। पहले बागपत में एक ही यूनिट स्वीकृत थी। लेकिन वहां पर अब तीन यूनिट अतिरिक्त लगाई गई है। ताकि 24 घंटे हरियाणा से आने वाले वाहनों की जांच हो सके। अतिरिक्त टीमें लगाने से मार्च माह में 17 मार्च तक सचल दल ने 68 वाहनों को सामान के साथ पकड़ा। जिसमें से 68 गाड़ियों के सामान से विभाग को 52 लाख रुपये का टैक्स मिला है। अभी आठ गाड़ियों में करीब 2 करोड़ का माल रुका हुआ है जिसका टैक्स जल्द ही जमा होना है।
पांचवें पायदान पर मेरठ
कमिश्नर के निर्देश के बीच एसआईबी के कामकाज से नतीजे भी बेहतर रहे हैं। जिससे टैक्स वसूली में मेरठ प्रदेश में पांचवें पायदान पर पहुंच गया है। जहां प्रदेश के बाकी जिलों का टैक्स कलेक्शन गिर रहा है, तो वहीं मेरठ का बीते साल के मुकाबले टैक्स कलेक्शन बढ़ा है। बीते वित्तीय वर्ष 2015-16 में फरवरी माह तक 11.44 प्रतिशत का टैक्स कलेक्शन बढ़ा था, जो इस बार चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी माह तक 12.64 फीसदी हो गया है। 14 आइटम हिट लिस्ट में
विभाग ने 14 आइटमों को हिट लिस्ट में शामिल कर इनकी जांच प्राथमिकता पर करने का काम सचल दल और एसबीआई को सौंपा है। जिसमें पैक्ड ड्रिंक वाटर, टेंट-पंडाल, पेपर, पान मसाला, ऑटोमोबाइल, ड्राईफूड, रेडीमेड गारमेंट, ज्वैलरी, मैंथा आयल, बिल्डिंग मैटेरियल, बिल्डर, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स, एफएमसीजी व अन्य आइटम हैं।