बिजनौर जिले के चांदपुर में वेतन न मिलने से क्षुब्ध सफाई कर्मी विकास भवन और ब्लाक कार्यालय में ताला लगाकर अपने गांव में लगे टावर पर चढ़ गया। सूचना पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया। क्षेत्रीय विधायक और एसडीएम के आश्वासन पर सफाई कर्मी टावर से उतरा। उसने कई अधिकारियों पर भ्रष्टाचार फैलाने का आरोप लगाया है।
गांव भवानीपुर गंगरैन निवासी ओमवीर सिंह पुत्र आशाराम नौ साल से ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। वह ब्लाक जलीलपुर के गांव कुतुबपुर गांवड़ी, अथाई, बागड़पुर के बाद ब्लाक हल्दौर के गांव रौनिया में सेवारत है। उसने बताया कि उसका आठ माह का निलंबन के समय का और 10 माह कार्य दिवस का वेतन रुका हुआ है। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इससे क्षुब्ध होकर उसने सोमवार सुबह सबसे पहले विकास भवन बिजनौर, ब्लाक कार्यालय में ताला लगाया और गांव में लगे बीएसएनएल के टावर पर चढ़ गया।
उसने टावर परिसर की दीवार पर एक नोटिस चस्पा कर दिया, जिस पर लिखा था कि यदि टावर से कूदकर या गिर कर उसकी मौत होती है तो उसके जिम्मेदार डीएम, सीडीओ, डीपीआरओ, एडीपी होंगे। सूचना पर हीमपुर दीपा थाने की पुलिस, नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर ओमवीर से नीचे उतने के लिए कहा लेकिन वह नहीं माना। मौके पर पहुंचे एसडीएम वीके सिंह ने भी समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया लेकिन वह डीएम को बुलाने की जिद पर अड़ा रहा। क्षेत्रीय विधायक कमलेश सैनी ने मौके पर पहुंचकर उसकी समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिलाया। उसके बाद वह टावर से नीचे उतरा।