हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में भक्तामर विधान एवं पाठ के 39 वें दिन सोमवार को मंत्रों के साथ कार्यक्रम शुरू किया। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य ब्रजबहादुर जैन, स्वर्ण कलश से अभिषेक विजय बहादुर जैन, शांतिधारा करने का उज्जवल जैन, नमन जैन राकेश जैन को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्ज्वलन सर्वेश जैन ने किया। बा. ब्र. सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया। 201 परिवारों की ओर से विधान किया। जयमाला जैन, रेणू जैन, रजनीश चंद जैन, महक, निधि जैन, मोनिका जैन, संजय जैन आदि उपस्थित हुए। समस्त स्थानीय जैन समाज, बड़ा मंदिर व गुरुकुल के शिक्षक व छात्र उपस्थित हुए। गुरुवर श्री भावभूषण जी ने मंगल उद्बोधन में कहा कि 100 साल के अंधकार को दूर करने के लिए सौ साल पुराने दीपक की आवश्यकता नहीं होती है। किसी भी दीपक से घनघोर अंधकार झट से दूर हो जाता है। उसी प्रकार भगवान सूर्य के समान और संत दीपक के समान है। जो हमारे जीवन के अज्ञानता रूपी अंधकार को दूर करते हैं। इस दौरान मनोज जैन, सुभाष जैन, राजीव जैन, प्रेम जैन, विपिन शर्मा आदि मौजूद रहे।