सहारनपुर में बवाल के बाद बुधवार को भले ही जिले भर में स्थिति सामान्य नजर आ रही है, मगर जातीय संघर्ष की लपटों से अब भी सहारनपुर झुलस रहा है। बवाल के बाद अंदर ही अंदर दोनों जातियों में आक्रोश उबाल मार रहा है। बवाल में निर्माणाधीन महाराणा प्रताप भवन में आगजनी और तोड़फोड़ के बाद अब राजपूत समाज ने तीन दिन में कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि इस पूरी तनातनी के बीच प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
वे लोग (राजपूत) जयंती के नाम पर गुंडागर्दी करते रहे हैं
सहारनपुर में अभी भी नहीं थम रहा बवाल
मंगलवार को जिले भर में हुए बवाल के बाद उसकी लपटें अब भी दोनों ही जातियों के दिलों में उठ रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि अफसरों को भी जाति के दायरे में बांधकर दलित समाज के अंदर आक्रोश भरने की कोशिश हो रही है। इसके लिए बड़ी योजना के तहत साजिश करने वालों को सक्रिय कर दिए गए हैं। यही कारण है कि बवाल के बाद शांत हुए माहौल में भी दलित इस अपनी हार और प्रशासन की जीत मान रहा है। दलितों का मानना है कि प्रशासन दूसरे पक्ष का समर्थन कर रहा है। उधर, जातीय संघर्ष के बाद राजपूत समाज को भी अब तक सीधे तौर पर कोई खास समर्थन नहीं मिल रहा है। यही कारण है राजपूतों में भी अन्याय का प्रतिकार आ रहा है। बवाल के बाद बुधवार को रामनगर के पूर्व प्रधान का कहना है कि यह लड़ाई महापुरुषों के अपमान की है। वे लोग (राजपूत) जयंती के नाम पर गुंडागर्दी करते रहे हैं। हाथों में तलवार लेकर हमें डराना चाहते हैं। गुस्सा इस बात पर है कि हमारे साथ न्याय नहीं हो रहा है। शब्बीरपुर में कई घर जले और प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं। प्रशासन भी उन्हीं लोगों के साथ है। शिवकुमार का कहना है कि हम अपने महापुरुषों के सम्मान की रक्षा के लिए सक्षम हैं। उधर, राजपूत समाज में हुए बवाल में निर्माणधीन भवन पर आगजनी और तोड़फोड़ के बाद उबाल है। ऐसे में प्रशासन इस स्थिति को भांपते हुए अलर्ट है।