इस दौरान नदीम ने अपने बच्चों को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें नागरिकता नहीं मिल सकी। जिसके बाद नदीम ने नाम बदलकर उनके सहारनपुर में जन्म प्रमाण पत्र बनवा लिया, फिर आधार कार्ड और वोटर कार्ड भी बनवा लिया। यही नहीं उन्होंने फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर पासपोर्ट भी बनवा लिया। नाम बदलने के बाद चारों भाई बहन सहारनपुर में मटिया महल में आकर रहने लगे। इस दौरान नदीम का इंतकाल हो गया, लेकिन पुलिस उनकी जांच करती रही। पुलिस से परेशान होकर हमद, अनस, साजिया एवं अनम ने खुद को भारत का नागरिक बताते हुए पुलिस पर बेवजह परेशान करने का आरोप लगाया। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को तलब किया और जवाब मांगा। जिस पर खुफिया विभाग ने जांच शुरू कर दी। जांच से पूरे मामले का खुलासा हो गया। जिस पर पुलिस ने हमद और अनस को गिरफ्तार कर लिया।
भारत के नागरिक नहीं हैं आरोपी : एसएसपी
एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि आरोपियों को अभी तक भारत की नागरिकता नहीं मिली है। बिना नागरिकता के ही अरोपी सहारनपुर में रह रहे थे। कोर्ट में भी आरोपियों ने अपने अभिलेख दिखाए, लेकिन सभी गलत हैं। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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