मौलाना महमूद मदनी का इस्तीफा देना कोई मजबूरी नहीं बल्कि संगठन के एक बड़े पदाधिकारी से नाराजगी इसकी असल वजह है। सूत्रों का दावा है कि मौलाना मदनी एक पदाधिकारी से खफा हैं जिसके चलते उन्होंने पद से इस्तीफा देकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इतना ही नहीं रूठों को मनाने के लिए दिल्ली में बैठक का आयोजन भी किया गया है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी को आमतौर पर संजीदगी और खुशमिजाजी के लिए जाना जाता है। शायद ही कोई यह कहने वाला हो कि उसने मदनी के चेहरे पर कभी गुस्सा देखा हो, लेकिन इस बार ऐसा क्या हुआ जो मदनी इतना गुस्से में आ गए कि उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह सवाल सभी को परेशान कर रहा है। सूत्रों के दावों पर भरोसा करें तो मदनी पिछले काफी दिनों से संगठन में ही एक बड़े पदाधिकारी से खफा चल रहे थे। इसको लेकर कई बार नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने पद से त्यागपत्र देने की बात भी कही थी। लेकिन हर बार उन्हें समझाकर मना लिया जाता था। इस बार मदनी उक्त पदाधिकारी से इतने खफा हो गए कि उन्होंने अध्यक्ष कारी उस्मान मंसूरपुरी को इस्तीफा भेजकर अपनी हद से ज्यादा नाराजगी को जाहिर कर दिया। बकौल मंसूरपुरी मदनी पूर्व में कई बार मजबूरियां जताते हुए पद से इस्तीफा देने की बात कह चुके हैं।