सहारनपुर अस्पताल ले जाते समय अतर सिंह की मौत हो गई। मौत किन कारणों से हुई यह स्पष्ट नहीं हो सका है, हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि भूखे पेट अधिक पैदल चलने से हार्ट अटैक आने की संभावना रहती है। संभवत: मौत का कारण हार्ट अटैक आना रहा होगा।
अधिक पैदल और भूखे रहकर चलने से हार्ट पर दवाब पड़ता है, जिससे हार्ट फैल होने की पूरी संभावना रहती है। -डॉ. नितिन कंदवाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी, साढ़ौली कदीम
मृतक मजदूरों के साथियों ने सुनाई आपबीती
मृतक मजदूर अतर सिंह के साथ उसके गांव आलमपुर अमादपुर के मुल्कीराज, बाल सिंह, मोनू, सोमपाल, सुंदर, सोनू, दूसरा सोमपाल, मढ़ती गांव निवासी मेघराज, रतनपुर कल्याणपुर के यशपाल व नागलमाफी निवासी मिंकू मजदूरी करने के लिए गंगोत्री गए थे। वापस यह सभी साथ पैदल आए।
बाल सिंह, सुंदर और सोमपाल ने बताया, कि गंगोत्री से पैदल आते समय रास्ते में पुलिस चौकियों पर उनकी थर्मल चेकिंग तो हुई लेकिन कहीं पर भी उन्हें खाने के लिए कुछ नहीं मिला। प्यास बुझाने के लिए उन्हें जंगल में सफर के दौरान प्राकृतिक जल स्रोतों से अपनी प्यास बुझानी पड़ी।
9 मई की रात जब वह शिवालिक वन प्रभाग की बादशाही बाग वन रेंज क्षेत्र के जंगल में पहुंचे। यहां उन्हें वन गुर्जरों के ढेर पर रोशनी दिखाई दी। वह भूख और प्यास से बेहाल थे। डेयरी पर पहुंचने पर वन गुर्जर परिवार ने थोड़ी-थोड़ी खिचड़ी खाने के लिए दी। यहां से वह आधी रात के वक्त अपने घर पहुंचे। घर पहुंचते ही अचानक अतर सिंह की हालत बिगड़ गई। जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
मामला संज्ञान में नहीं है। मालूम करा रहे हैं। यदि भूख आदि से मौत की बात सामने आती है तो जांच कराई जाएगी। -विद्या सागर मिश्र, एसपी देहात, सहारनपुर।