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सहारनपुर: 300 किमी. पैदल चलकर घर पहुंचे मजदूर की मौत, मजदूरों ने सुनाई आपबीती

Mon, 11 May 2020 07:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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सांकेतिक तस्वीर
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में गंगोत्री से चार दिन में 300 किमी. का सफर पैदल तय कर घर पहुंचे मजदूर की हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। मौत किन कारणों से हुई यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, हालांकि चिकित्सकों का मानना है कि भूखे पेट अधिक पैदल चलने से हार्ट अटैक आ सकता है। 

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जानकारी के अनुसार मिर्जापुर थाना क्षेत्र के आलमपुर अमादपुर, नागलमाफी, मढ़ती व कोतवाली बेहट क्षेत्र के रतनपुर कल्याणपुर गांव से 11 मजदूर लॉकडाउन से भी एक माह पूर्व सड़क निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार के माध्यम से उत्तराखंड के गंगोत्री में मजदूरी करने के लिए गए थे। पैसे व राशन खत्म होने पर जब उन्हें वहां कोई मदद नहीं मिली तो सभी 6 मई की सुबह वहां से पैदल घर आने के लिए चल दिए।

कहीं सड़क और कहीं जंगल से होते हुए वह भूखे ही करीब 300 किमी का सफर तय कर 9 मई की आधी रात में अपने घर पहुंच गए। घर पहुंचने पर अमादपुर निवासी अतर सिंह (55) की हालत बिगड़ गई। ग्राम प्रधान मोहम्मद इनाम ने बताया, कि 10 मई की सुबह उसे मिर्जापुर ग्लोकल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से उसे गंभीर हालत के चलते रेफर कर दिया गया।

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सहारनपुर अस्पताल ले जाते समय अतर सिंह की मौत हो गई। मौत किन कारणों से हुई यह स्पष्ट नहीं हो सका है, हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि भूखे पेट अधिक पैदल चलने से हार्ट अटैक आने की संभावना रहती है। संभवत: मौत का कारण हार्ट अटैक आना रहा होगा।
 
अधिक पैदल और भूखे रहकर चलने से हार्ट पर दवाब पड़ता है, जिससे हार्ट फैल होने की पूरी संभावना रहती है। -डॉ. नितिन कंदवाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी, साढ़ौली कदीम

मृतक मजदूरों के साथियों ने सुनाई आपबीती
मृतक मजदूर अतर सिंह के साथ उसके गांव आलमपुर अमादपुर के मुल्कीराज, बाल सिंह, मोनू, सोमपाल, सुंदर, सोनू, दूसरा सोमपाल, मढ़ती गांव निवासी मेघराज, रतनपुर कल्याणपुर के यशपाल व नागलमाफी निवासी मिंकू मजदूरी करने के लिए गंगोत्री गए थे। वापस यह सभी साथ पैदल आए।

बाल सिंह, सुंदर और सोमपाल ने बताया, कि गंगोत्री से पैदल आते समय रास्ते में पुलिस चौकियों पर उनकी थर्मल चेकिंग तो हुई लेकिन कहीं पर भी उन्हें खाने के लिए कुछ नहीं मिला। प्यास बुझाने के लिए उन्हें जंगल में सफर के दौरान प्राकृतिक जल स्रोतों से अपनी प्यास बुझानी पड़ी।

9 मई की रात जब वह शिवालिक वन प्रभाग की बादशाही बाग वन रेंज क्षेत्र के जंगल में पहुंचे। यहां उन्हें वन गुर्जरों के ढेर पर रोशनी दिखाई दी। वह भूख और प्यास से बेहाल थे। डेयरी पर पहुंचने पर वन गुर्जर परिवार ने थोड़ी-थोड़ी खिचड़ी खाने के लिए दी। यहां से वह आधी रात के वक्त अपने घर पहुंचे। घर पहुंचते ही अचानक अतर सिंह की हालत बिगड़ गई। जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

मामला संज्ञान में नहीं है। मालूम करा रहे हैं। यदि भूख आदि से मौत की बात सामने आती है तो जांच कराई जाएगी। -विद्या सागर मिश्र, एसपी देहात, सहारनपुर।
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