एनजीओ की तरफ से कूड़ा एकत्र में एक समान दर से पैसा नहीं लिया जा रहा है, बल्कि हर कॉलोनी में अलग रेट है। कहीं पर 40 से 50 रुपये प्रति घर प्रतिमाह लिया जा रहा है तो कहीं पर 100 रुपये। वहीं, व्यावसायिक भवनों से कूड़ा एकत्र करने पर नगर निगम 100 रुपये प्रतिमाह वसूल कर रहा है।
जन सुनवाई पोर्टल पर डाली शिकायत
न्यू आवास विकास निवासी अधिवक्ता विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि वह गृह कर 600 रुपये सालाना भरते हैं, जबकि कूड़ा उठाने के नाम पर प्रतिमाह 100 रुपये लिए जा रहे हैं, जिससे कूड़ा उठाने का
शुल्क 1200 रुपये सालाना बनता है। बावजूद खुद सफाई करनी पड़ती है। इसकी शिकायत वह जन सुनवाई पोर्टल पर 15, 17 और 24 सितंबर को कर चुके हैं, मगर समाधान नहीं हुआ।
आरोप है कि मकान नंबर 501 से 590 तक सफाई नहीं हो रही है। लोगों को अपने घरों के बाहर की सड़कों और नालियों की सफाई खुद करनी पड़ती है। कूड़ा उठान के लिए कर्मचारी तीन से चार दिन में आते हैं। कूड़ा उठान के नाम पर शुल्क एक समान होना चाहिए।
आवास विकास निवासी मोनू कुमार का कहना है कि 100 रुपये मासिक शुल्क लेने के बाद भी कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी प्रतिदिन नहीं आते हैं। उन्होंने शहर में कूड़ा उठान के अलग-अलग रेट पर भी आपत्ति व्यक्त की। जुगमेंद्र दास का भी यही कहना है कि मोहल्लों में नियमित सफाई नहीं हो रही है।
बाहरी कॉलोनियों में भी बदहाली
शहर की बाहरी कॉलोनियों में भी सफाई कर्मी केवल मुख्य मार्ग पर सफाई कर लौट जाते हैं। वार्ड संख्या आठ के ज्ञानागढ़ की गलियों और नालियों की सफाई लोगों को खुद करनी पड़ती है। यहां सामुदायिक शौचालय तक की सफाई नहीं होती है। इसकी वजह से गंदगी फैली है।
फैक्ट फाइल
नगर निगम में वार्डोँ की संख्या -- 70
गृह कर देने वालों की संख्या -- 1,29,000
डोर टू डोर कूड़ा एकत्र करने वाले मकानों की संख्या --- 80,000
कूड़ा उठान के लिए शुल्क वर्ष 2017 से निर्धारित है। एनजीओ केवल घरों से कूड़ा उठाते हैं। अलग-अलग कॉलोनियों के अलग-अलग रेट तय हैं। नगर निगम केवल व्यावसायिक भवनों से कूड़ा उठाने का चार्ज लेता है।
- डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, सहारनपुर।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/