फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चौराहों पर सेफ्टी एंड सिक्योरिटी की गारंटी, ये चौराहे प्राथमिकता में

Mon, 03 Apr 2017 12:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
शहर के ट्रैफिक प्लान को दुरुस्त करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कवायद चल रही है। अतिक्रमण हटाओ अभियान में सफलता मिलने के बाद अब मुख्य चौराहों को बेहतर बनाने की दिशा में काम तेज होता दिखाई दे रहा है। विशेष तौर पर सेफ्टी एंड सिक्योरिटी के मापदंड पर चौराहों को तैयार किया जाएगा। हाल ही में शहर के मुख्य 39 चौराहों पर कैमरे लगाने के लिए एसएसपी और एमडीए वीसी के बीच विचार-विमर्श हुआ है। एसएसपी ने एमडीए वीसी से अवस्थापना निधि से इन चौराहों पर हाईटेक कैमरे लगवाने की मांग रखी है।
विज्ञापन


ट्रैफिक व्यवस्था को चाक चौबंद करने के लिए जल्द ही नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा। हालांकि मेरठ विकास प्राधिकरण पहले ही संयुक्त बैठक में इस पर काम शुरू कर चुका है। शहर के चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधार के लिए एमडीए ने 86 लाख रुपये अवस्थापना निधि में स्वीकृत किए हुए हैं। इस पूरे पैकेज को सेफ्टी एंड सिक्योरिटी प्लान पर खर्च करने की कवायद शुरू हो गई है। मेरठ को स्मार्ट सिटी में शामिल करने की मुहिम में यह बिंदु भी अहम है। ऐेसे में पहले ही इस पर विभाग काम शुरू कर रहे हैं।

एसएसपी जे. रविन्दर गौड़ तथा वीसी एमडीए योगेंद्र यादव के बीच गत दिवस इस मामले को लेकर वार्ता भी हो चुकी है। एसएसपी ने कहा है कि शहर के मुख्य चौराहों पर नजर रखने के लिए फिलहाल कैमरों की जरूरत है। एमडीए अपनी अवस्थापना निधि से इस खर्च को वहन करें। वीसी ने कहा कि कुछ दिन पहले प्रस्ताव आया था कि इस रकम से बैरियर और प्रोटेक्टर आदि खरीदे जाएंगे। एसएसपी ने यह राशि केवल कैमरे लगवाने में खर्च करने की बात कही। तय हुआ कि पुलिस अधिकारी जल्द ही प्लान बनाकर देंगे। प्रस्ताव में ही 39 चौराहों पर चरणवार कैमरे लगाने का निर्णय होगा।
विज्ञापन


आईटीएमएस और स्मार्ट सिटी सर्विलांस प्रोजेक्ट में 12 जिले
प्रदेश के 12 जिलों में इंटीग्रेटिड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) और स्मार्ट सिटी सर्विलांस प्रोजेक्ट  काम करेगा। मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर, आगरा, अलीगढ़, बरेली और मुरादाबाद में यह प्लान लागू होगा। दरअसल यह प्लान बड़े स्तर पर बनाया गया है जिसमें गाजियाबाद भी शामिल है। मेरठ में 58 जबकि गाजियाबाद 88 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस प्लान को लागू करना अभी दूर की कौड़ी है। फिलहाल एमडीए अपने स्तर से पुलिस के साथ अन्य प्लान पर काम कर रहा है। इसी के तहत शहर के चौराहों पर काम होगा।

इन पर भी होगा काम
15 पैलिकन सिग्नल
44 एएनपीआर कैमरा
48 पीए सिस्टम
5 इमरजेंसी कॉल बॉक्स
67 वीडियो ऐनालिटिक्स लगेंगे
 39 ट्रैफिक सर्विलांस कैमरा
3 रेड लाइट वालेशन डिटेक्शन
39 जंक्शन इंपरुवमेंट
34 डिमांड रिस्पोन्सिव ट्रैफिक सिग्नल
10 वैरिएबल मैसेज साइन बोर्ड
स्मार्ट सिटी सर्विलांस प्रोजेक्ट में 164 फिक्स कैमरा
53 पीटीजैड कैमरा

ये चौराहे प्राथमिकता में
बेगमपुल चौक, भूमिया का पुल, घंटाघर, बुढ़ाना गेट, बिजली बंबा, बच्चा पार्क, बागपत अड्डा तिराहा, कमिश्नरी कार्यालय चौराहा, कमिश्नरी आवास चौराहा, गांधी आश्रम, हनुमान चौक, अंबेडकर चौराहा, ब्रह्मपुरी, डिग्गी तिराहा, देहली रोड, रेलवे रोड क्रॉसिंग, सुपरटेक चौराहा, ईव्ज चौराहे आदि पर काम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें