सफाई कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार से सफाई व्यवस्था ठप करने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों को आंदोलन से जोड़ने के लिए वाल्मीकि बस्तियों में मशाल जुलूस निकाला।
वहीं निगम सफाई कर्मचारी संघ के कर्मचारी नेताओं के एक खेमे ने इससे दूरी बनाई हुई है। संयुक्त सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति के अध्यक्ष बिजेंद्र महरौल, सुभाष गोस्वामी, प्रेम किशन टांक आदि के नेतृत्व में शुक्रवार शाम भूमिया के पुल पर सफाई कर्मचारियों ने बैठक हुई। इसमें सभी ने शनिवार (आज) से सफाई व्यवस्था ठप करने का निर्णय लिया। इसके बाद सफाई कर्मी मशाल जुलूस लेकर वाल्मीकि बस्ती पूर्वा अहिरान, सूरजकुंड, रौनकपुरा आदि इलाकों में पहुंचे।
उन्होंने सभी सफाई कर्मचारियों से आह्वान किया कि शनिवार की सुबह सभी सफाईकर्मी हड़ताल में शामिल रहें। उधर, नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा ने कहा है कि कुछ बाहरी लोग नगर निगम के स्थायी और अस्थायी सफाई कर्मियों को आंदोलन के लिए उकसाने का काम कर रहे हैं। यदि सफाई कर्मियों की हड़ताल हुई और निगम में धरना प्रदर्शन किया गया तो सभी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
जो कर्मचारी आंदोलन में शामिल दिखाई दिए उनके खिलाफ बर्खास्त की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए नगरायुक्त ने सभी जोनल सेनेटरी अधिकारी, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, सफाई नायक, सहायक सफाई नायकों की ड्यूटी लगायी है। जो अपने अपने वार्ड में स्थायी और आउट सोर्सिंग के सफाई कर्मियों को चेक करेंगे। जो भी सफाई कर्मचारी अनुपस्थित पाया जाएगा। उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएंगी।
नगरायुक्त ने अलकनंदा एसोसिएट्स को भी चेतावनी दी है कि यदि आउट सोर्सिंग का एक भी सफाई कर्मचारी आंदोलन में मिला तो फर्म के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। उधर, सफाई कर्मचारी नेता दीपक मनोठिया, राजू धवन, कैलाश चंदोला, विनेश विद्यार्थी और अरुण का कहना है कि हम सफाई हड़ताल में शामिल नहीं है। लेकिन हमारी मांग है कि संविदा सफाई कर्मचारियों की होेने वाली भर्ती में वाल्मीकि समाज के अलावा किसी अन्य जाति के लोगों की भर्ती न की जाए। अगर ऐसा होता है हम इसका विरोध करेेंगे।