आयकर विभाग दिल्ली की टीम ने मंगलवार को सदर सराफा में खेमचंद पवन कुमार जैन एंड संस के यहां सर्वे कार्रवाई की। शहर के तमाम सराफा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर इसका विरोध किया। साथ सराफ के प्रतिष्ठान के सामने धरना देते हुए जमकर हंगामा किया। लेकिन टीम सर्वे में लगी रही। करीब तीन घंटे तक जांच के बाद टीम वापस लौटी।
नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा हुए धन का डाटा इकट्ठा करने के बाद आयकर विभाग ने नोटिस जारी किए थे। जिनका जवाब संतोषजनक नहीं मिला, ऐसे बड़े लोगों पर आयकर विभाग सर्वे की कार्रवाई कर रहा है। सदर सराफा में पवन कुमार जैन की खेमचंद पवन कुमार जैन एंड संस के नाम से सराफा दुकान है। उनका आयकर रिटर्न दिल्ली में दाखिल होता है। इसलिए मंगलवार को दिल्ली के आयकर विभाग के अधिकारी राजीव जैन के नेतृत्व में टीम स्थानीय पुलिस के साथ पवन कुमार जैन की दुकान पर पहुंची।
इसकी सूचना पर सदर सराफा के व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दीं। व्यापारी नेता केशव वालिया, अनिल जैन बंटी, राजकुमार भारद्वाज आदि ने पवन जैन की दुकान के बाहर धरना देते हुए सर्वे का विरोध किया। जिसके बाद संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, महामंत्री अरुण वशिष्ठ, उपाध्यक्ष दलजीत सिंह, मंत्री विजय आनंद अग्रवाल, संदीप रेवड़ी, तरुण गोयल और उमेश अग्रवाल शारदा भी वहां पहुंच गये। व्यापारी नेताओं से वार्ता में राजीव जैन ने बताया कि पवन कुमार जैन ने अपनी फर्म का जो आयकर रिटर्न दाखिल किया है, उसे लेकर संदेह था। इसी कारण सर्वे कार्रवाई हो रही है। राजीव जैन ने व्यापारियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वह चाहे तो उनका एक प्रतिनिधिमंडल भीतर बैठ सकता है।
इसके बाद कुछ व्यापारी नेता भीतर बैठ गये और उनकी मौजूदगी में टीम अपना काम करती रही। वहीं बाहर व्यापारियों की संख्या बढ़ती रही और धरने के बीच नारेबाजी होती रही। इस सर्वे के विरोध में कंकरखेड़ा, शहर सराफा, नील गली, मलियाना आदि के सराफा कारोबारी अपने प्रतिष्ठान बंद कर सदर सराफा पहुंच गए। अफसरों ने तमाम अभिलेखाें की जांच की। लेकिन बिना किसी अभिलेख को जब्त किये लौट गयी। वहीं, दूसरी तरफ मेरठ की टीम ने लिसाड़ी गेट स्थित एक नमक व्यापारी के यहां भी सर्वे की कार्रवाई में अभिलेखों की जांच की।