नए साल से शुरू हुई कड़ाके की ठंड का दौर अभी जारी है। पहाड़ो पर बर्फबारी के कारण शीतलहर का असर अभी कम नहीं हो रहा है। न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री पहुंचने पर सोमवार की रात पिछले दस साल में सबसे सर्द रात दर्ज की गई। कोहरे का बढ़ता असर और रात में पड़ रहा पाला सर्दी को बढ़ाने का काम कर रहा है। हालांकि दिन में खिल रही धूप से राहत है।
वेस्ट यूपी में हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच सोमवार की देर रात घना कोहरा छा गया। जिसके चलते रात और रातों के मुकाबले ज्यादा सर्द हो गई। कोहरे का असर मंगलवार सुबह तक रहा। जिसके चलते दृश्यता लगभग शून्य रही। हाईवे पर वाहन रेंगते हुए नजर आ रहे थे। दोपहर होते-होते धूप निकली। लेकिन दिन भर चली शीतलहर से कंपकंपी छूटती रही। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि वेस्ट यूपी और एनसीआर क्षेत्र में कोहरा और शीतलहर का दौर बना रहेगा। पहाड़ो की बर्फबारी से पारा गिरने की संभावना बनी हुई है।
पारा 4.6 डिग्री धड़ाम
मौसम विज्ञान केंद्र पर मंगलवार को अधिकतम तापमान 20.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 97 व न्यूनतम 46 प्रतिशत दर्ज की गई। एक दिन पहले की अपेक्षा अधिकतम तापमान में .4 डिग्री और रात के तापमान में 4.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। जो इस साल की सर्दी में सबसे ज्यादा है।
बच्चे और बुजुर्ग बरतें सावधानी
चिकित्सकों के अनुसार इस समय के सर्द मौसम में बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतने की जरूरत है। कोहरे और पाले के साथ पड़ने के चलते ठंड का असर तेज हो जाता है। सुबह के समय बुजुर्ग जल्दी घर से न निकलें। गर्म पानी का अधिक प्रयोग करें। बच्चों को भी गर्म कपड़ों से कवर करके रखे।
दस वर्षों का न्यूनतम तापमान
2009 - 3.7
2010 - 4.9
2011 - 4.1
2012 - 3.9
2013 - 3.5
2014 - 4.4
2015 - 5.0
2016 - 3.8
2017 - 4.3
2018 - 2.9