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सांसद राजेंद्र अग्रवाल लोकतंत्र सेनानी हैं या नहीं?

Sat, 16 Jul 2016 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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सांसद - फोटो : अमर उजाला
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सांसद राजेंद्र अग्रवाल लोकतंत्र सेनानी हैं या नहीं इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शासन ने आज तक राजेंद्र अग्रवाल को लोकतंत्र सेनानी नहीं माना है। जबकि सांसद जहां जेपी आंदोलन के दौरान 21 माह जेल में रहने का साक्ष्य होने का दावा करते हैं। वहीं प्रशासन को ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है। बरेली सेंट्रल जेल ने भी सांसद के जेल में रहने का रिकॉर्ड होने से इनकार कर दिया है।
वर्ष 1975 में जेपी आंदोलन के तहत तत्कालीन केंद्र की कांग्रेस सरकार ने इमरजेंसी लागू करते हुए तमाम आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी कर जेल में डाल दिया था। इनमें कई तो ऐसे भी रहे जो दो से ढाई साल तक जेल में रहे। इनमें मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल भी लोकतंत्र सेनानी होने का दावा करते हैं। लेकिन उनका रिकॉर्ड शासन के पास नहीं है, जिस कारण आज तक उन्हें लोकतंत्र सेनानी पेंशन का लाभ भी नहीं मिल पाया है।
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ये है सांसद का दावा  
राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि वह 1975 में आरएसएस के प्रचारक रहते हुए पीलीभीत में थे। आंदोलन के दौरान उन्हें जुलाई 1975 में गिरफ्तार किया गया और वह 16 माह पीलीभीत जेल में रहे।
इसके बाद उन्हें बरेली सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया, जहां वह पांच माह रहे और 21 माह बाद जेल से रिहा हुए। सांसद राजेंद्र अग्रवाल के पास तत्कालीन पीलीभीत जिलाधिकारी के आदेश पत्र भी हैं, जिसमें उन्होंने सांसद राजेंद्र अग्रवाल के जेल से बाहर रहने को समाज के लिए खतरनाक बताया है। दूसरा पत्र उन्हें बरेली सेंट्रल जेल शिफ्ट करने का है।

प्रशासन को नहीं मिल रहा रिकॉर्ड
सांसद राजेंद्र अग्रवाल कई बार शासन से लेकर जिला प्रशासन को लोकतंत्र सेनानी घोषित करने और पेंशन लाभ के लिए पत्र लिख चुके हैं। जिस पर जिलाधिकारी मेरठ ने अपने यहां तमाम रिकॉर्ड ढुंढवाने के साथ शासन स्तर पर भी पत्र लिखे, लेकिन कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
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बरेली सेंट्रल जेल भी इस संबंध में जानकारी का पत्र भेजा गया, लेकिन वहां से भी लिखकर आ गया कि राजेंद्र अग्रवाल पुत्र ओमप्रकाश के नाम का उस समय कोई व्यक्ति जेल में नहीं रहा है और ऐसा कोई रिकॉर्ड जेल में उपलब्ध नहीं है।
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