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जमीन की पैमाइश करने पहुंचे कर्मचारियों को दौड़ाया

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जमीन की पैमाइश करने पहुंचे कर्मचारियों को दौड़ाया
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मेरठ। मंगलवार को आवास एवं विकास परिषद की जागृति विहार एक्सटेंशन योजना के खण्ड-4 में कब्जा लेने पहुंचे परिषद के जेई और कर्मचारियों का किसानों ने विरोध किया और परिषद कर्मचारियों को दौड़ा लिया। उधर आधिकारियों का कहना है कि कोई भी कर्मचारी जागृति विहार में पैमाइश करने नहीं गया।
दरअसल मंगलवार दोपहर आवास एवं विकास परिषद के कर्मचारी एक किसान के खेत में नपाई कर रहे हैं। जिसके बाद किसान मौके पर पहुंचे और विरोध करते हुए नारेबाजी करने लगे। मामला बढ़ा तो किसानों ने कर्मचारियों को खरी-खोटी सुना दी। जबकि कर्मचारियों के हाथों से पैमाइश का सामान भी छीन लिया। कर्मचारी बिना पैमाइश के ही लौट गए। किसानों ने बताया कि परिषद के जेई ओर कर्मचारी किसी स्कूल के लिए एक किसान के खेत पर कब्जा लेने पहुंचे थे। जिसमें फसल भी खड़ी है। उन्होंने कहा कि बढ़े प्रतिकर की मांग पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। एक बार भूखंडों और आवासों का आवंटन भी किसानों ने रद्द कराया था। आरोप है कि अधिकारी किसान और उनकी मांगों को अनदेखा करते रहे। इस दौरान रोहित गुर्जर, बिल्लू सिंह, ज्ञानेंद्र भड़ाना, श्रीपाल, राजेन्द्र सिंह, ऋषभ चौहान, एसके शाहरुखा, मोहित, सुमित सैनी, मनोज, विनोद आदि किसान उपस्थित रहे।
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ये है मामला
जागृति विहार एक्सटेंशन में परिषद ने काजीपुर, घोसीपुर, कमालपुर, सराय काजी व कस्बा मेरठ के किसानों की जमीन अधिग्रहण की थी। जिसमें काजीपुर, सराय काजी व मेरठ के किसान सन 2012 से 6 प्रतिशत विकसित भूखंड और 666 रुपए प्रति वर्ग मीटर बढ़े हुए प्रतिकर कि मांग कर रहे हैं। जिसमें एक बार परिषदीय अधिकारी के किसानों के बीच झड़प में किसानों पर मुकदमा भी हो चुका है।
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नहीं गए कब्जा करने
आवास एवं विकास अधीक्षण अभियंता सतेंद्र कुमार पचौरी ने बताया कोई भी अधिकारी या कर्मचारी जागृति विहार में पैमाइश करने नहीं गया है। किसानों को लगातार परिषद कार्यालय बुलाया जा रहा है, लेकिन किसान नहीं आ रहे हैं। मामले में बैठकर वार्ता करने के लिए तैयार हैं।
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