महापौर, शहर विधायक और निगम अधिकारियों ने संयुक्त रूप से सोमवार को शहर के जल निकासी तंत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान ओडियन और आबूनाला चोक मिले। उधर, काली नदी की हालत भी खराब मिली। लोगों ने अपनी सुविधा के लिए नदी में गिरने वाले नाले के पानी के प्रवाह को ही प्रभावित कर दिया है। शहर के छोटे नाले भी चोक हैं। समय रहते नगर निगम ने सुधार की दिशा में कदम नहीं उठाए तो बरसात के मौसम में लोगों को समस्याओं का सामना करना पडे़गा।
ओडियन और आबूनाला से शहर के गंदे पानी की निकासी होती हैं। दोनों ही नाले काली नदी से जुड़े हैं। जल निकासी को लेकर जगह-जगह समस्या हो रही है। समस्या समाधान के लिए सोमवार को शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, अपर नगरायुक्त रामभरत तिवारी, चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय को साथ लेकर नाला और काली नदी का निरीक्षण किया। किला रोड से आबूनाला की पटरी, गेसूपुर, चिंदौड़ी पुल होते हुए सभी लोग काली नदी पर पहुंचे। इसके बाद ओडियन और आबू नाले का निरीक्षण किया गया। नाले में कई जगह सिल्ट के ढेर लगे हुए मिले। वहीं गेसूपुर के निकट ग्रामीणों ने काली नदी और नाले को मिट्टी डालकर बंद करके रास्ता बना लिया है। इससे कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। शहर विधायक और महापौर ने इस पर नगर निगम अधिकारियों के समक्ष कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने अपर नगरायुक्त को निर्देश दिए कि वह शहर के सभी नालों की सफाई के लिए कार्य योजना तैयार कराएं।
महापौर ने आज बुलाई अधिकारियों की बैठक
महापौर हरिकांत अहलूवालिया का कहना है कि नाला सफाई की कार्य योजना बनाने के लिए मंगलवार को सुबह 11 बजे नगर निगम सभागार में निगम अधिकारियों की बैठक बुलाई गई हैं। इसमें शहर के सभी छोटे-बड़े नालों का लेखाजोखा मांगा गया है ताकि बैठक में नाला सफाई की कार्य योजना तैयार की जा सके। सफाई के लिए तिथि का निर्धारण भी किया जाएगा। निगम के पास पांच पोकलेन मशीनें हैं, जिनसे सफाई कराई जाएगी।
मशीनें डिपों में खड़ी और नाले चोक
शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि निगम के पास दो मशीनें हैं। लेकिन उनसे सफाई करने के बजाय डिपो पर खड़ी कर रखी हैं। शहर की जनता नाले चोक होने से परेशान हैं। समय से नाले और काली नदी साफ नहीं हुई तो बरसात में लोगों को परेशानी होगी।