मेरठ। सीसीएसयू कैंपस और कॉलेजों में यूजी कोर्सों में नए सत्र से प्रवेश के नियम बदल जाएंगे। 30 मई तक प्रवेश नियमावली जारी कर दी जाएगी। किस राज्य का कितना कोटा रहेगा और यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के छात्र-छात्राओं के लिए कितना कोटा होगा, ये सब प्रवेश नियमावली में तैयार किया जा रहा है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति विवि-कॉलेजों में नए सत्र से शुरू हो जाएगी। अभी तक यूजी कोर्सों में वार्षिक परीक्षाएं होती हैं, लेकिन नई शिक्षा नीति में ये सभी कोर्स पीजी की तरह सेमेस्टर वार हो जाएंगे। नए सिलेबस में आर्ट वाले छात्र एक विषय के रूप में साइंस या कॉमर्स का विषय भी ले सकेंगे। इसी तरह दूसरे कोर्स वाले अन्य विषय ले सकेंगे। बीए में एलएलबी का भी एक विषय लिया जा सकेगा। ऐसे में 12वीं आर्ट, साइंस या कॉमर्स से करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी पहले से बने नियमों में बदलाव करना होगा। हर कॉलेज को अपनी वेबसाइट पर उनके यहां चलने वाले कोर्सों का सीटों वार डाटा अपलोड करना होगा, ताकि छात्र-छात्राओं को बाद में विषय चुनते वक्त समस्या न हो। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला बताती हैं कि इसको लेकर कॉलेजों के प्राचार्यों से भी प्रवेश नियमावली को लेकर सुझाव मांगे जा रहे हैं।
सिलेबस में भी होगा बदलाव
प्रवेश नियमावली के अलावा यूजी के सिलेबस में भी बदलाव होना है। पूरे प्रदेश के विवि में 70 फीसदी सिलेबस एक समान रहेगा। 30 फीसदी सिलेबस ही विवि अलग रख सकते हैं। सिलेबस फाइनल करने के लिए टास्क फोर्स समिति बन चुकी है। बोर्ड ऑफ स्ट्डीज की बैठक शुरू हो जाएंगी। 36 कोर्सों का सिलेबस फाइनल किया जाना है। बोर्ड ऑफ स्ट्डीज की बैठक को लेकर शुक्रवार को फैकल्टी के इंटरनल मेंबर की बैठक बुलाई गई है। सभी कॉलेजों से 20 मई तक विवि की बेबसाइट पर दिए गए तीन लिंक को शिक्षकों से भरवा कर भेजने को कहा था। बहुत से कॉलेजों ने इसको अभी पूरा नहीं किया है। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने ऐसे कॉलेजों को रिमाइंडर भेजा है, ताकि सिलेबस आदि फाइनल करने में देरी न हो।