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Meerut News: दिवाली से पहले स्ट्रीट लाइटों को लेकर बखेड़ा, धरने पर बैठे पार्षद

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मेरठ। दिवाली से पहले स्ट्रीट लाइटों को लेकर संयुक्त व्यापार संघ के बाद अब पार्षदों का गुस्सा फूट गया। मंगलवार दोपहर दो बजे चार पार्षद अपने-अपने क्षेत्रीय लोगों के साथ निगम में पहुंचे। नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया। अधिकारियों की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ कराया गया। पार्षदों का कहना है कि नगर निगम की बोर्ड बैठक में प्रत्येक वार्ड में 100-100 लाइट लगवाने का प्रस्ताव पास कराया गया था। अब दिवाली आने वाली है और महानगर में अंधेरा छाया हुआ है। निगम टेंडर की प्रक्रिया में उलझा हुआ है। नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, मुख्य एवं वित्त अधिकारी ने पार्षदों को समझाया है। रात आठ बजे धरना समाप्त हुआ।
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महानगर में स्ट्रीट लाइट खराब है और दो साल से उनका मेंटीनेंस नहीं कराया जा रहा। एक माह में सवा चार करोड़ रुपया खर्च करने के बावजूद भी शहर दिवाली पर जगमग होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। मुख्य मार्ग और वार्डों में अंधेरा है, इसकी शिकायत लेकर मंगलवार दोपहर पार्षद कुलदीप उर्फ कीर्ति घोपला, भूपेंद्र पाल उर्फ भूपे, प्रशांत कसाना, आशीष चौधरी कार्यकर्ताओं के साथ निगम में पहुंचे। नगर आयुक्त से पार्षदों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। पार्षदों ने नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर गद्दे-दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया। नगर आयुक्त वहां से चले गए और पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड में फोन कर लोगों को निगम में बुला लिया। ट्रैक्टर-ट्राली से लोगों की आवाजाही शुरू हुई तो निगम अधिकारियों में खलबली मच गई।
पार्षद कीर्ति घोपला ने कहा कि टेंडर से उनका कोई लेना देना नहीं है। दिवाली से पहले कब और कितनी स्ट्रीट लाइट लगेगी, इसको लिखित में दीजिए। 100-100 लाइट लगाने का वायदा किया था और अब दिवाली पर फिर अंधेरा कायम रखने का निगम प्लान बना रहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि 24-25 अक्तूबर से वार्डों में स्ट्रीट लाइट लगने का काम शुरू करा देंगे। काफी जिद्दोजेहद के बाद पार्षद अधिकारियों के आश्वासन पर सहमत हुए। पार्षदों ने चेतावनी दी कि दिवाली से पहले वार्डों को जगमग नहीं किया गया तो वह अपने क्षेत्रीय लोगों को लेकर अनिश्चितकाल के लिए धरने पर बैठ जाएंगे। पार्षदों से पहले संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुट निगम में स्ट्रीट लाइटों को लेकर हंगामा कर चुके हैं।
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25 अक्तूबर को अनुबंध समाप्त
निगम अधिकारियों ने बताया कि महानगर में लगी 72 हजार स्ट्रीट लाइट का अनुबंध ईईएसएल कंपनी के साथ है, जो कि 25 अक्तूबर को समाप्त हो जाएगा। कंपनी का निगम ने भुगतान नहीं किया और उन्होंने स्ट्रीट लाइटों का दो साल से मेंटीनेंस नहीं किया। नतीजा शहर में 60 फीसदी से ज्यादा लाइट खराब हैं। बिना काम के निगम ने कंपनी को 2.50 करोड़ का भुगतान कर दिया। अब 1.80 करोड़ की स्ट्रीट लाइट लगाने का टेंडर अपलोड किया था, जो कि मंगलवार को खुला। चार कंपनी ने भाग लिया, जिसमें दो कंपनी फाइनेंस ब्रीड पास नहीं कर सकी। दो कंपनी के दस्तावेजों की जांच कराकर आगे की प्रक्रिया निगम कर रहा है। वहीं, लाइटों के मेंटीनेंस का री-टेंडर 18 अक्तूबर को खुलेगा।


दिवाली से पहले नई स्ट्रीट लाइट लगाने और खराब पड़ी लाइटों को ठीक कराने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जारी है। पार्षदों ने लाइटों की समस्या बताई है। निगम की प्राथमिकता शहर को जगमग करने का है। जिस पर गंभीरता से काम चल रहा है। - सौरभ गंगवार, नगर आयुक्त
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