तमाम कोशिशों के बावजूद आरटीओ में दलाल राज खत्म नहीं हो रहा है। डीएल से लेकर वाहनों की फिटनेस और पंजीकरण तक दलालों के बिना नहीं हो पाता। अगर कोई कोशिश भी करता है तो वह चक्कर काटकर रह जाता है। योगी सरकार बनते ही हरकत में आई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 22 दलालों को पकड़ा था। कुछ दिन ठीक रहा, लेकिन अब पहले से भी बदतर स्थिति हो गई है। अमर उजाला टीम ने मंगलवार को आरटीओ का दौरा किया तो दलाल मुख्य गेट तक ही अपनी दुकानें सजाकर बैठे मिले। कैमरा चला तो कागज छोेड़कर भागने लगे। कई तो गिरते-गिरते बचे। दलालों ने अपने कागज उठाने के लिए साथियों को भेजा जो कैमरे में कैद हो गए।
दलालों की बढ़ी हिम्मत
हापुड़ रोड से आरटीओ को जाने वाली सड़क के दोनों ओर दलालों नेे कुर्सी मेज लगाकर दुकानें सजा रखी हैं। ये लोग काम कराने आने वाले लोगों को सड़क पर पकड़ लेते हैं और बिना उनके काम नहीं होने की बात कहकर तुरंत काम कराने की बात करते है। यही नहीं कुछ दलाल तो अब आरटीओ के मुख्य गेट पर ही पहुंच गए हैं। उन्होंने गेट के बाहर ही अपनी दुकान जमा रखी है।
अधिकारी नहीं करते कार्रवाई
मुख्य गेट से आरटीओ प्रशासन, आरटीओ सिटी, एआरटीओ प्रशासन, एआरटीओ प्रवर्तन और आरआई समेत तमाम कर्मचारी ऑफिस पहुंचते हैं। लेकिन इन लोगों को गेट के बाहर सजी दलालों की दुकान दिखाई नहीं देती। किसी भी अधिकारी ने दलालों पर न तो खुद कार्रवाई की और न ही इसकी सूचना पुलिस को दी।
कैमरा चला तो मची भगदड़
मंगलवार को अमर उजाला टीम आरटीओ पहुंची तो गेट पर लगी दलालों की दुकानों पर भीड़ लगी थी। अमर उजाला का कैमरा चला तो दलालों में भगदड़ मच गई। तमाम लोग कागज छोड़कर भाग गए। बाद में कुछ साथियों को भेजकर अपने कागज मंगवाए।
22 दलाल धरे गए थे
पुलिस ने मार्च में आरटीओ में पहुंचकर बड़ी कार्रवाई की थी। छापामारी में 22 दलालों को पकड़कर जेल भेजा था। कुछ दिन तक तो पुलिस का खौफ दलालों में रहा, लेकिन अब फिर से वही हाल है।