तमाम कोशिशों, दावों और छापेमारी के बाद भी आरटीओ से दलाल राज का अंत नहीं हो रहा है। दलालों की इतनी हिम्मत बढ़ गई कि आरटीओ के गेट पर ही अपनी दुकान सजाकर बैठ गए। शुक्रवार को अमर उजाला का कैमरा चमका तो दलाल भागने लगे। सूचना पर आरटीओ ने दलालों को गेट से हटाने के निर्देश दिए और सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस की मदद लेने की बात कही है।
योगी सरकार में कुछ दिन माहौल सही रहने के बाद आरटीओ में फिर से दलाल राज कायम होने लगा है। सड़क पर दुकानें सजाकर बैठने वाले दलाल एक बार फिर मेन गेट तक पहुंच गए। पहले अमर उजाला में खबर छपने के बाद दलाल गेट छोड़कर फरार हो गए थे। लेकिन शुक्रवार को अमर उजाला टीम पहुंची तो मेन गेट पर चार दुकानें लगी मिली। मामले की जानकारी मिलने के बाद आरटीओ डॉ. विजय कुमार ने दलालों पर कड़ी कार्रवाई करने और पुलिस को भी इसकी सूचना देने की बात कही है।
गेट पर कैसे लग गई दलालों की दुकानें
आरटीओ समेत अन्य तमाम अधिकारी आफिस के इसी मेन गेट से अंदर आते हैं। ऐसा नहीं हो सकता है अािफस आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को गेट पर खुली दलालों की दुकान न दिखाई दी हो। लेकिन जानबूझकर अधिकारी दलालों को संरक्षण देने में लगे हैं। इसी का नतीजा है कि दलालों की दुकान अब गेट तक पहुंचने लगी हैं।
आरटीओ में दलालों ने बनाया नया गठजोड़
कुछ दलालो ने अपना धंधा चलाने के लिए तथाकथित छात्र नेताओं के साथ नया गठजोड़ कर लिया है। अब ये नए लोग ही दलालों के लिए दलाली कर रहे हैं। बाहर दुकानें सजाकर बैठे दलालों के पास आने वाला काम इस गठजोड़ के हवाले कर दिया जाता है। ये गठजोड़ अधिकारियों पर छात्र नेता बताकर रौब गालिब कर काम कराने में लगा है। अगर अधिकारी जबरदस्ती के काम को मना करते हैं तो अफसरों को नतीजा भुगतने तक की धमकी दी जाती है।
10 अप्रैल को तत्कालीन आरटीओ ममता शर्मा और दो नजदीकी क्लर्कों के यहां हुई इंकम टैक्स की रेड के बाद पुराने दलालों की सक्रियता आफिस में कम हो गई है। धंधे को बरकरार रखने के लिए इन दलालों ने सहारा लिया कथित छात्र नेताओं का। आफिस खुलते ही ये लोग हाथ में फाइल और फार्म लेकर अफसरों के पास पहुंच जाते हैं। फाइल और फार्म बाहर बैठे पुराने दलालों द्वारा मुहैया कराए जाते हैं। काम नहीं करने पर अधिकारियों की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने और हंगामा करके आफिस की छवि खराब करने की धमकी दी जाती है। अब तो इस गठजोड़ की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि कुछ दिन पहले काम करने से मना करने पर आफिस में बैठकर काम कर रही एआरटीओ प्रशासन श्वेता वर्मा की वीडियो तक बनायी गयी। वर्मा के मना करने पर भी अपने को छात्र नेता बताने वाला नितिन मलिक उनकी वीडियो बनाता रहा। श्वेता वर्मा ने इस पूरे मामले की जानकारी एसएसपी मंजिल सैनी को देकर थाना नौचंदी में एफआईआर दर्ज कराई थी।