अभिभावकों से वसूली का खुलासा होने पर की गई सख्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निशुल्क शिक्षण के लिए द्वितीय चरण में विद्यालयों का लाटरी से आवंटन किया गया। प्रवेश दिलाने के लिए अभिभावकों से वसूली के आरोप लगने के बाद सीडीओ ने अपनी देखरेख में आवंटन की प्रक्रिया कराई। कुल 921 बच्चों को विद्यालय आवंटित किए गए। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे जाते हैं तथा इनकी जांच तथा विद्यालय आवंटन का जिम्मा बेसिक शिक्षा विभाग पर होता है।
बच्चों के प्रवेश के लिए उनके अभिभावकों से वसूली करने का मामला सामने आया था। इस पर सीडीओ ने संबंधित संविदा कर्मी के खिलाफ संविदा समाप्त करने साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की थी। साथ ही बीएसए से भी जवाब मांगा गया था।
शुक्रवार की शाम सीडीओ पूर्ण बोरा ने अपनी देखरेख में लाटरी के माध्यम से विद्यालयों का आवंटन कराया। द्वितीय चरण के लिए कुल 2214 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से जांच में 440 अस्वीकृत कर दिए गए थे। शेष स्वीकृत किए गए 1774 आवेदनों में से 921 बच्चाें को विद्यालय आवंटित किए गए हैं।