मेरठ। मवाना रोड स्थित आरपीजी ग्रुप से जुड़ी आरपीजी इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड पर स्टेट जीएसटी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने मंगलवार को फर्म पर छापा मारकर करीब 1.29 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा किया है। विभाग ने बुधवार को प्रेसनोट जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी। बताया कि फर्म ने बोगस फर्माें से 7.23 करोड़ की खरीद कर इस टैक्स चोरी को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के बाद फर्म ने 1.02 करोड़ रुपये का टैक्स विभाग के पास जमा करा दिया है।
ज्वाइंट कमिश्नर अमित कुमार पाठक के नेतृत्व में मंगलवार सुबह हुई इस कार्रवाई के लिए विभाग पिछले कई महीनों से गोपनीय तरीके से डेटा जुटा रहा था। जीएसटी पोर्टल पर निर्माण लागत और कच्चे माल की खरीद में लगातार अनियमितताएं दिखने के बाद टीम ने मंगलवार सुबह फर्म पर छापा मारा। टीम में उपायुक्त संजीव आर्य, बीपी सिंह, सहायक आयुक्त अखिलेश दुबे सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। कंप्यूटर डेटा, स्टॉक रजिस्टर और सेल-परचेज दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने पर टैक्स चोरी की पुष्टि हुई।
जीएसटी विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार जांच में सामने आया कि फर्म प्लास्टिक स्क्रैप खरीदकर स्टेपल फाइबर बनाने का काम करती है। कंपनी ने 7.23 करोड़ रुपये की खरीदारी केवल कागजों पर दिखाई थी। बिना माल की वास्तविक आवाजाही के फर्जी फर्मों (बोगस फर्म) से इनवॉइस का आदान-प्रदान किया गया ताकि गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया जा सके। इसके अलावा बिना ई-वे बिल के भी भारी मात्रा में खरीदारी की जा रही थी।
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आरपीजी ग्रुप की रिसाइकिल फर्म की जांच में 1.29 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के बाद फर्म ने 1.02 करोड़ टैक्स जमा किया है। स्टॉक और खरीद में बड़ी गड़बड़ियां मिली हैं। फिलहाल विभाग अन्य तथ्यों और दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रहा है। अन्य उद्यमियों भी खरीदारी करते समय सावधानी बरतें और केवल वैध इनवॉइस पर ही काम करें। - सुशील कुमार सिंह, एडिशनल कमिश्नर (ग्रेड-2), जीएसटी विभाग