मेरठ। एनएसईआइटी के सेंटर पर सीएसआइआर-नेट की परीक्षा में सॉल्वर गैंग में बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि आईटी मैनेजर अरुण शर्मा की मुलाकात हरियाणा झज्जर के दीपक से रोहटा मढ़ी गांव के दीपक ने कराई थी। दीपक की तलाश में एसटीएफ की टीम दबिश दे रही है।
सुभारती विश्वविद्यालय में एनएसईआईटी के सीएसआईआर-नेट के एग्जामिनेशन सेंटर में 26 जुलाई को एसटीएफ मेरठ की टीम ने सर्च अभियान चलाया था। लैब के सर्वर रूम से लोकल एरिया नेटवर्क के जरिये एक्स्ट्रा एडमिन कंप्यूटर मिला। सर्वर रूम में दो लैपटॉप मिले, जिसमें एनी डेस्क रिमोट एक्सेस टूल से छात्रों के कंप्यूटर की स्क्रीन शेयर की जा रही थी। एक मोबाइल भी एग्जाम कराने वाले कर्मचारी से मिला। मोबाइल में चार अभ्यर्थियों के नाम रोल नंबर और उनके सिस्टम का आईपी एड्रेस मिला। इस आईपी को सेंटर के बाहर एक व्यक्ति को शेयर किया गया था। इनके प्रश्नपत्र को बाहर से सॉल्वर द्वारा हल किया जा रहा था। 25 जुलाई को भी प्रथम और द्वितीय पाली में हुई परीक्षा में 11 अभ्यर्थी के नाम मोबाइल के डिलीट फाइल से मिले थे। एसटीएफ इस मामले में अब तक तीन कर्मचारी अरुण शर्मा, विनीत कुमार, अंकुर एवं चार अभ्यर्थी तमन्ना, मोनिका, ज्योति और अंकित को गिरफ्तार कर चुकी है।
एटीएफ की जांच में सामने आया है कि नकल कराने वाले सरगना अजय उर्फ बच्ची निवासी झज्जर हरियाणा, मोनू उर्फ मनीष निवासी डाकला झज्जर हरियाणा, दीपक कुमार निवासी मढ़ी थाना रोहटा और अनिल राठी निवासी गांगनौली दोघट बागपत हैं। अजय और मनीष हरियाणा में साल्वर गिरोह चलाते हैँ। दीपक और अनिल राठी यूपी और दिल्ली में गोरखधंधा करते हैं।
एसटीएफ के एडिशनल एसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एनएसईआइटी के अधिकारियों से अभ्यर्थियों का पूरा रिकार्ड मांगा गया है। अब तक की जांच में सभी के हरियाणा का निवासी होने की बात सामने आई है।