खुफिया तंत्र के अनुसार खरखौदा थानाक्षेत्र के अल्लीपुर के आसपास मीट के कारोबार से जुड़ीं करीब दो दर्जन से अधिक फैक्टरियां अवैध रूप से चल रही थीं। आरोप हैं कि मीट व्यवसायी करोड़ों के कारोबार को पुलिस-प्रशासन, पशुपालन विभाग व प्रदूषण नियंत्रण विभाग के कुछ अधिकारियों के सहयोग से इन्हें अवैध रूप से चलाते रहे। लेकिन योगी सरकार में इन पर शिकंजा कसना शुरू हो गया।
बीते दिनों बुलंदशहर में गोकशी को लेकर बवाल हुआ, जिसमें इंस्पेक्टर सहित दो लोगों की जान चली गई। इसको लेकर मेरठ जोन में पुलिस-प्रशासन एक्टिव हो गया और मीट फैक्टरियों पर कार्रवाई करना शुरू किया। बताया गया कि इन अवैध फैक्टरियों में बांग्लादेश और म्यांमार से आए रोहिंग्या मुस्लिमों के 17 परिवारों के 45 लोग भी काम कर रहे थे। सख्ती होते ही अब यह रोहिंग्या परिवार अचानक लापता हो गए हैं।
दरअसल अल्लीपुर में म्यांमार से आए एक कारोबारी ने एमडीए से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना ही एक बड़ी मीट फैक्टरी लगा ली थी। अमर उजाला ने इस मामले का भंडाफोड़ किया तो यह अवैध फैक्टरी बंद हो गई। इसी के साथ ही इसमें काम कर रहे ये लोग भी गायब हो गए।
संयुक्त टीम ने की थी जांच
12 दिन पहले विदेश मंत्रालय व एलआईयू की टीम अल्लीपुर व पीपलीखेडा गांव में किराए पर रह रहे इन परिवारों के सदस्यों की जांच करने पहुंची थी। ऐसे परिवारों के सदस्यों के शरणार्थी कार्डों के अलावा इनके फैमिली कार्ड, महिलाओं और बच्चों के अलग-अलग कार्ड दिखाए गए थे। इन लोगों के फिंगर प्रिंट भी लिए गए थे।
खुफिया विभाग ने इनके मकान मालिकों को इन लोगों पर नजर रखने और इनके बारे में सूचना देने के लिए कहा था। लेकिन मीट प्लांट बंद होते ही दो दिन पहले अल्लीपुर व आसपास के गांवों में रह रहे सभी संदिग्ध परिवार रातों रात क्षेत्र छोड़कर भाग निकले। इसकी जानकारी पर खुफिया विभाग ने अगले दिन गांव में पहुंचकर मामले की जांच की। लेकिन वहां किसी ने भी कोई जानकारी देने से इंकार कर दिया।
आखिर कहां गए ये लोग
रोहिंग्या मुसलमानों के 17 परिवार गायब होने के बाद सवाल यह है कि यह रोहिंग्या मुस्लिम परिवार कहां गायब हो गए। जबकि ये खुफिया एजेंसियां समय-समय पर इन लोगों की जांच में लगी रहती हैं। ये लोग म्यांमार से आ तो गए। लेकिन यह कहां-कहां रह रहे हैं, इसकी खुफिया विभाग को भी पूरी जानकारी नहीं है।
इसकी छानबीन करा लेंगे
ऐसे लोगों पर नजर रखने का काम खुफिया विभाग का है। मैं इस बारे में दिखवाता हूं कि आखिर यह विभाग क्या कर रहा है? कोई जांच की है या नहीं। सारी छानबीन करा ली जाएगी। -राजेश कुमार, एसपी देहात