खरखौदा। कैली गांव में तीन घरों में पड़ी डकैती के मामले में एडीजी जोन राजीव सभरवाल ने गांव में पहुंचकर पीड़ितों को केस के जल्द खुलासे और पीड़ितों को सुरक्षा का आश्वासन दिया।
बदमाशों ने अपने आप को क्राइम ब्रांच से बताकर सुरेंद्र शर्मा, योगेश शर्मा और विमल शर्मा के मकान में लाखों की डकैती को अंजाम दिया था। मामला लखनऊ तक गूंज गया। जिसके बाद एडीजी जोन राजीव सभरवाल रविवार रात कैली गांव पहुंचे और पीड़ित पक्षों से घटना की जानकारी ली। पीड़ित परिवार ने बदमाशों की संख्या करीब एक दर्जन बताते हुऐ पूरा वाक्या बताया। वहीं, अपनी सुरक्षा व जल्द खुलासे की मांग की। एडीजी ने जल्द ही पीड़ित परिवारों के मकान के पास में बिजली और कैमरे की व्यवस्था करने के अलावा घटना के जल्द खुलासे का आश्वासन दिया है।
पड़ा डाका, लिखा लूट में मुकदमा
खरखौदा। खरखौदा थाना पुलिस आंकड़ों में बाजीगरी कर अपराध नियंत्रण का दावा कर रही है। कैली गांव में तीन घरों में पड़ी डकैती का मुकदमा पुलिस ने लूट की धारा में दर्ज कर पल्ला झाड़ लिया। जबकि पीड़ित पक्षों ने बताया कि घटना के दौरान एक दर्जन बदमाश थे। इससे पहले पुलिस इस तरह धाराओं में खेल कर चुकी है। फरवरी माह में गांव खंदावली में डकैती के दौरान बदमाशों ने वृद्ध की हत्या कर लाखों की नकदी लूट ली थी। लेकिन पुलिस ने धाराओं में खेल करते हुए हत्या में ही मामला दर्ज किया। पीड़ित पक्ष ने जब इसका विरोध किया तो तब जाकर पुलिस ने मुकदमे में डकैती की धारा जोड़ी थी। वहीं, कई माह पहले थाने के सामने ही गोकशों ने एक बाग में करीब दो दर्जन गोवंशों को काटा था और मीट को ले गए थे। हिंदू संगठनों ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया था। बाद में पुलिस ने अपनी ओर से केवल पशु क्रूरता में मामला दर्ज कर अपराध नियंत्रण का दावा किया था। लेकिन जब कस्बा सहित कई हिंदू संगठनों को इसकी जानकारी हुई तो पुलिस ने आनन फानन में गोकशी की धारा बढ़ा दी थी। इसी के साथ लूट की कई घटनाएं पुलिस दर्ज ही नहीं कर रही है।