मेरठ और आसपास के श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए हरिद्वार जाते हैं, प्रयागराज तक अतिरिक्त बसें चलाने का विचार नहीं
- बढ़ती है यात्रियों की संख्या, रेल और बसों में रहेगी भीड़
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। अगले साल तीन जनवरी से प्रयागराज में माघ मेला शुरू होगा। यह मेला एक माह तक चलेगा। माघ गंगा स्नान के लिए मेरठ समेत आसपास के जिलों के अधिकांश लोग हरिद्वार जाते हैं। यात्रियों की भीड़ बढ़ने पर परिवहन निगम ने मेरठ से हरिद्वार के लिए अतिरिक्त बसें चलाने की रणनीति तैयार कर ली है।
परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि मेरठ परिक्षेत्र की डिपों में बसों की कोई कमी नहीं है। प्रयागराज से लिए मेरठ से अतिरिक्त बसें नहीं चलेंगी बल्कि हरिद्वार और ब्रजघाट के लिए चलाई जाएंगी।
इस बार 3 जनवरी 2026 को पौष पूर्णिमा, 15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 30 जनवरी को बसंत पंचमी, 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा, और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पावन स्नान है। हर स्नान पर्व पर गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। प्रयागराज में माघ मेले के लिए परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसों के बेड़े लगाए हैं, लेकिन मेरठ परिक्षेत्र से रूटीन में चलने वाली बसें ही प्रयागराज के लिए चलेंगी। दिल्ली, मेरठ और आसपास के जनपदों के लिए लोग गंगा स्नान के लिए उत्तराखंड में हरिद्वार, ऋषिकेश, ब्रजघाट अधिक संख्या में जाते हैं, इसलिए मेरठ रीजन की रोडवेज डिपो से इन स्थानों के लिए ही अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा।
मेरठ रीजन के प्रबंधक संदीप नायक का कहना है कि माघ स्नान के दौरान जैसे ही यात्रियों की संख्या बढनी शुरू होगी। बसों का संचालन भी बढ़ा दिया जाएगा। इसके लिए विभाग की पूरी तैयारी है। यात्रियों को पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।