रोडवेज बस स्टेंड पर भारी भीड़
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रक्षाबंधन पर रोडवेज की व्यवस्था भारी भीड़ के आगे फेल हो गई। बसों के जाम में फंसने से भाई-बहनों को बसों का घंटो तक इंतजार करना पड़ा। बसों में खड़े होने की भी जगह नहीं मिली।
रक्षाबंधन पर भाई-बहनों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज ने 16 अगस्त से 21 अगस्त तक अभियान चला रखा है। अभियान के तहत जहां रूटों पर चल रही बसों के ट्रिप में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी वहीं व्यवस्था को सफल बनाने के लिए कर्मचारी प्रोत्साहन राशि योजना भी लागू की गई है। बावजूद बृहस्पतिवार को उमड़ी भारी भीड़ के आगे रोडवेज की व्यवस्था चरमरा गई। मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बिजनौर, मवाना, शामली, बड़ौत, दिल्ली, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़ आदि रूटों पर सुबह और शाम के वक्त भारी भीड़ उमड़ी। भैसाली बस अड्डे पर पहुंचने वाली बस मिनटों में ही फुल होती रही। यात्री बस में चढ़ने के लिए खिड़कियों के अलावा चालक खिड़की तक का प्रयोग करते रहे। बस में चढ़ने की धक्कामुक्की में कई बार हाथापाई की नौबत भी आई। बसे नहीं मिलने पर यात्रियों को आधा घंटे से लेकर एक घंटे तक का इंतजार करना पड़ा।
बारिश और जाम ने बिगाड़ा गणित
दोपहर में हुई बारिश और जाम ने रोडवेज का गणित बिगाड़ दिया। रूट पर लगे जाम के कारण बसें रास्तें में ही फंस गईं। काफी देर के बाद बसे अड्डे पर पहुंचीं। आरएम मनोज कुमार पुंडीर ने बताया कि सभी रूटों पर बसों के ट्रिप बढ़ाए गए थे। त्योहार के चलते रूट पर वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण जाम की स्थिति बनी रही। इसके चलते बसों को निकलने में देर हुई।
ट्रेन भी रहीं फुल
ट्रेनों में भी यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी। सिटी स्टेशन से गुजरने वाली पैसेंजर ट्रेनों के आधा घंटा से एक घंटा देरी से पहुंचने पर यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। ट्रेन में चढ़ने के लिए मारामारी मची रही। बैठना तो दूर खड़े होने की भी जगह नहीं मिल सकी।