मेरठ। एक जून से शुरू हुई रोडवेज बस सेवा को अभी भी अपेक्षित यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। 60 फीसदी से कम लोड फैक्टर आने से विभाग को 90 लाख प्रतिदिन की बजाय करीब 25 लाख की आय हो रही है। इससे विभाग का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है।
रोडवेज बसों का संचालन शुरू हुए 18 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी भी 54 सीटर बसों को 20 से अधिक यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। 750 बसों के बेड़े में करीब 40 फीसदी बसें ही संचालित हो पा रही हैं। इन बसों पर आय से अधिक खर्च हो रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जहां पहले 90 लाख प्रतिदिन की आय होती थी अब 25 लाख तक ही हो पा रही है। लगातार हो रहे घाटे से अधिकारी परेशान हैं। उनका कहना है कि अगर यही हाल रहा तो कर्मचारियों के वेतन के भी लाले पड़ जाएंगे। आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि कोरोना की वजह से लोग डरे हुए हैं। अभी सफर करने से परहेज कर रहे हैं। कम यात्री मिलने से विभाग की आय काफी गिर गई है। इसकी जानकारी प्रबंधन को दे दी गई है। वहां से जो फैसला होगा उसका पालन किया जाएगा।