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कमिश्नर ने दिखाई सख्ती, रोडवेज की मनमानी पर एमडीए का ब्रेक

Sat, 16 Sep 2017 11:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एनजीटी में मामला होने के बावजूद बेफिक्र होकर निर्माण कार्य करा रहे रोडवेज अधिकारियों की मनमानी पर एमडीए की रोक लगी है। भैंसाली बस अड्डा मानचित्र केफेर में उलझ गया है। एमडीए की टीम ने मौकेपर जाकर निर्माण कार्य तो रुकवा ही दिया साथ ही मंडलायुक्त को भी रिपोर्ट भेजी है। उधर, कमिश्नर ने बस अड्डे को शिफ्ट करने की फाइल भी तलब कर ली है।
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 नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मेरठ के भैंसाली और सोहराबगेट बस अड्डों की शिफ्टिंग को लेकर गंभीरता दिखाई है। कोर्ट ने कहा है कि मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सभी पक्षों को सुने। दरअसल, इन बस अड्डों की वजह से जहां शहर की यातायात व्ववस्था कुंद होकर रह गई है तो वहीं लोगों को भारी प्रदूषण की मार झेलनी पड़ रही है। बावूजद इसकेरोडवेज अधिकारियों न केवल भैंसाली अड्डे की पुरानी इमारत को तुड़वा दिया बल्कि पांच करोड़ रुपये खर्च कर नए निर्माण का खाका खींच दिया। इसी के लिए चारदीवारी तथा अन्य निर्माण शुरू कर दिया गया था। जोन ए के प्रभारी करनवीर सिंह ने टीम के साथ मौके पर जाकर काम रुकवा दिया।

उड़ रहे धूल के गुबार
भैंसाली अड्डे पर मिट्टी डालने के कारण यहां चारों तरफ धूल के गुबार उड़ रहे हैं। लोगों को इसके सामने से मुंह ढककर निकला पड़ रहा है। यहां तक कि यहां ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को मास्क लगाना पड़ रहा है। गाड़ियों का प्रदूषण तो है ही। ऐसी ही स्थिति के मद्देनजर एनजीटी ने कहा था कि रोडवेज अपना पक्ष एमडीए उपाध्यक्ष के सामने रखे। इसकी बजाय रोडवेज अधिकारियों ने निर्माण आरंभ कर दिया। यह निर्माण भी प्राधिकरण की मंजूरी के बिना हो रहा था।
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कमिश्नर ने दिखाई सख्ती
मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार ने साफ कहा कि नियमों से ही काम होगा। मानचित्र तो रोडवेज विभाग को भी बनवाना होगा। दूसरा एनजीटी के आदेश केमुताबिक काम होगा। पिछले दिनों रोडवेज अधिकारी आयुक्त कार्यालय में जाकर भैंसाली बस अड्डे के सौंदर्यीकरण की योजना पर प्रजेंटेशन देकर आए थे पर बिना मंजूरी के निर्माण होने को कमिश्नर डा. प्रभात ने गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल इसका मुआयना कर काम रुकवाने को कहा। हालांकि रोडवेज अधिकारियों ने पक्ष रखा था कि भैंसाली बस अड्डे के सौंदर्यीकरण, बस अड्डे का लेवल ऊंचा करने और यात्री शेड बनाने के लिए सरकार की ओर से 5 करोड़ की योजना मंजूर हुई है। 2.5 करोड़ रुपये रिलीज भी कर दिया गया है।
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