डिवाइडर पर दौड़ा रहे बसें
बसों को भूड़बराल में ही डिवाइडर के ऊपर से दूसरी साइड उतार दिया जाता है और परतापुर से सीधा फ्लाईओवर पर चढ़ा दिया जाता है। अमर उजाला ने शुक्रवार को इन बसों की पड़ताल की तो मेरठ डिपो, भैसाली डिपो से लेकर नोएडा डिपो तक की कई बसें रांग साइड आते हुए कैमरे में कैद हो गईं।
इससे न केवल जाम लग रहा है बल्कि दुर्घटना होने की भी आशंका बनी है। पुलिस भी इन बसों को रोक नहीं पा रही है। आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि रॉन्ग साइड बस चलाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो दोषी चालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
मार्च तक पूरा होगा इंटरचेंज
एक्सप्रेस पर चल रहे इंटरचेंज का काम मार्च तक पूरा होगा। ऐसे में यहां जाम और डायवर्जन की यही स्थिति रहने वाली है। हालांकि एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि वह निरीक्षण करेंगे और यदि आवश्यकता हुई तो एनएच 58 पर थोड़ा पहले ही यू टर्न बना दिया जाएगा ताकि वाहनों को ज्यादा न घूमना पड़े।
इंटरचेंज के लिए यहां बड़ी बड़ी मशीनों को लगाया गया है। आठ कनेक्टिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। यहां काम कर रही जीआर इंफ्रा के मैकेनिकल इंजीनियरों के मुताबिक आरओबी के लिए 50 - 50 फिट लंबे गार्डरों को रखने का काम चल रहा है।
आरओबी व एफओबी की लंबाई 100 मीटर होगी। भूडबराल रजवाहे से परतापुर तिराहे के बीच बनने वाले आरओबी से आठ कनेक्टिंग प्वाइंट दिए जाएगे। ग्रेनटी क्रेन, बूम प्रेशर जैसी मशीनें यहां लगी हैं, जो पिलर लगाने का काम कर रही हैं। इसके अलावा पिलर को उठाकर रखने के लिए भी ये मशीनें काम में आएंगी।
टीम करेगी यू टर्न पर काम
एनएच 58 पर एनएचएआई की टीम देखेगी कि क्या इससे पहले कट बनाया जा सकता है। टीम देखेगी कि यदि व्यवस्था ज्यादा खराब है तो यू टर्न पहले बना दिया जाएगा ताकि वाहनों को इतना ज्यादा घूमकर न आना पड़े।
इंटरचेंज का काम मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है। एक्सप्रेस वे का काम भी जल्दी ही पूरा होना है। थोड़ी सी परेशानी है। एनएच 58 पर देखेंगे कि कट यदि ज्यादा दूर है तो वहां पहले ही यू टर्न बनाने पर काम हो सकता है।
- किशोर कान्याल, परियोजना निदेशक
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