मेरठ। सोमवार से शुरू हो रहे लॉकडाउन 5.0 में रोडवेज बसों को संचालन की अनुमति मिल गई है। सुबह 8 बजे से रोडवेज बसों का प्रदेश में अंतर्जनपदीय संचालन होना शुरू हो जाएगा। संचालन के लिए विभाग को राज्य सरकार द्वारा तय किये गए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओएस) का कड़ाई से पालन करना होगा।
रविवार को विभाग के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने अधिकारियों के साथ बैठक करके दिशा निर्देश जारी कर दिए। डॉ. राजशेखर ने सभी आरएम को शत प्रतिशत स्टाफ ड्यूटी पर बुलाने और एसओएस का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बसों के संचालन के लिए तय किए गए 16 सूत्रीय सुरक्षा मानक अपनाते हुए ही बसों का संचालन करने के निर्देश दिए।
इन शर्तों का करना होगा पालन
करना होगा
- सभी बसों को सैनिटाइज करना होगा। यदि कोई बस बिना सैनिटाइज आउटगेट हुई तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही होगी।
- एसी बसों का भी संचालन होगा, इसलिए इनकी सर्विस समय से करा ली जाए।
- बस आउटगेट होने से पहले उसका 13 बिंदुओं पर परीक्षण होगा।
- चालक परिचालक वर्दी में रहेंगे। नियमानुसार मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजर लेकर चलना अनिवार्य होगा।
- 500 एमएल सैनिटाइजर यात्रियों के लिए, 200 एमएल परिचालकों और 100 एमएल चालक के लिए देना अनिवार्य होगा।
- बस अड्डे पर आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग और मास्क जरूरी है। जिस यात्री के पास मास्क नहीं होगा उसे बस अड्डे से ही मार्केट रेट पर उपलब्ध कराना होगा।
- बस अड्डे और वर्कशॉप के लिए 5-5 सदस्यीय कोविड टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसकी विशेष यूनिफॉर्म होगी। टास्क फोर्स का काम यात्रियों को जागरूक करने और उनकी मदद करने का होगा।
- बस अड्डे और प्रतीक्षालय को हर 6 घंटे में सैनिटाइज किया जाएगा।
- बसों का संचालन केवल प्रदेश के अंदर अंतर्जनपदीय होगा। दिल्ली जाने वाले यात्रियों को कौशांबी अड्डे पर ही छोड़ा जाएगा।
- बस में जितनी सीट होगी उतने ही यात्री लेकर चलना होगा। कोई भी स्टैंडिंग पैसेंजर नहीं होगा।
- बस सेवाओं के संचालन एवं टाइम टेबल के बारे में एलईडी के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा।
सभी कार्मिकों को बुलाया
आरएम नीरज सक्सेना ने एमडी के निर्देश पर मेरठ रीजन के पूरे स्टाफ को 1 जून से ड्यूटी पर आने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस आशय का पत्र सभी डिपो के एआरएम को भेज दिया है।
61 करोड़ का हुआ नुकसान
गत 25 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन को 31 मई को 68 दिन हो गए। इन 68 दिनों में रोडवेज को 61 करोड़ की आय का नुकसान हुआ है। आरएम नीरज सक्सेना ने बताया कि मेरठ रीजन को रोजाना करीब 90 लाख रुपये की आय होती है। 68 दिन तक संचालन बंद रहने से 61 करोड़ आय का नुकसान हुआ है।