बिजनौर बिना परमिट दौड़ रहे वाहनों से रोडवेज को लगातार नुकसान हो रहा है। ऐसे वाहनों पर अंकुश न लगाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम अपने ही महकमे में सख्ती कर रहा। घाटे से बचने के लिए परिवहन निगम ने बस परिचालन में यात्रियों की संख्या तय की है। अफसरों की मानें तो अब कम से कम 25 यात्री पर ही रोडवेज बस हर डिपो से संचालित होगी। इससे कम यात्री होने पर परिचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
कोरोना महामारी ने सारे काम चौपट कर दिए हैं। इससे आम आदमी से लेकर हर सरकारी और प्राइवेट विभाग प्रभावित हुआ है। रोडवेज बसों के लिए नासूर बन चुके डग्गामार वाहनों को रोकने की सारी कवायद जिला प्रशासन से लेकर परिवहन विभाग भी फेल है। लाखों की राजस्व क्षति के कारण बिजनौर डिपो ने पहले ही 20 बसें सरेंडर की थीं।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने विभाग को इस घाटे से बाहर लाने के लिए यात्रियों को लेकर मानक तय करते हुए एआरएम को निर्देश दिए हैं। निगम मुख्यालय से जारी निर्देशित पत्र में कहा गया है कि 25 से कम यात्री होने पर बस का परिचालन नहीं होगा।
टिकट चेकिंग के दौरान यातायात निरीक्षक यात्रियों की गिनती करेंगे। साथ ही रास्ते में बैठने वाले यात्रियों को भी इस गिनती में शामिल किया जाएगा। एआरएम विनोद कुमार मौर्य ने बताया कि 25 से कम यात्री पर बस परिचालन नहीं होगा। नियमानुसार बसों का संचालन करने वालों पर कार्रवाई होगी।