शामली। बारिश के बाद जिले की सड़कें उखड़नी शुरू हो गई है। दिल्ली-शामली से लेकर मेरठ, करनाल मार्ग, रेलपार बाईपास में सड़क में गड्ढे हो गए हैं। जिसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। रेलवे रोड पर टूटी सड़क को बनाने के बजाए विभागीय कर्मचारी गड्ढों में रोडी, डस्ट भर रहे हैं, जिसके कारण यहां पर हादसों में दुपहिया वाहन चालक घायल हो रहे हैं। लोगों ने टूटी सड़कों को बनवाने की मांग की है।
करमूखेड़ी से लेकर तिमरसा, लिलौन गांव से लेकर बलवा मोड़, सहारनपुर तिराहे से लेकर अंबा विहार, दिल्ली-शामली सहारनपुर हाईवे रेलपार बाईपास से लेकर सिंभालका बाईपास, विजय चौक से लेकर टपराना बाईपास, कुड़ाना रोड से लेकर काबड़ौत गांव तक सड़कें बदहाल हैं। बारिश के बाद यहां पर जगह जगह गड्ढे हो गए हैं। लिलौन गांव से निकलते ही सड़क में 30 से अधिक गड्ढे हैं, जिनके कारण यहां पर हादसा हो सकता है।
- रेलपार के गड्ढों में भर दी रोड़ी
बजरी शामली रेलपार बाईपास पर सड़क में गहरे गड्ढे बने हैं। लोगों की मांग पर यहां पर सड़क निर्माण के बजाय विभागीय अधिकारी गड्ढों में रोड़ी, बजरी, डस्ट आदि भरवाने में जुटा है। लोगों का आरोप है कि हर रोज चार से पांच बाइक सवार हादसों का शिकार हो रहे हैं।
- डंपरों से टूट गई सड़क
शामली। कुड़ाना से लेकर काबड़ौत तक ढाई किमी ग्रामीण सड़क डंपरों के चलने से क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। कुड़ाना गांव के सवित मलिक का कहना है कि सड़क के क्षतिग्रस्त होेने से भैंसा बुग्गी को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल्द सड़क बनवाई जाए।
सिंभालका गांव के रामनरेश का कहना है कि सड़कें टूटने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। बार-बार मांग के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा।
लिलौन गांव के किसान देव कुमार का कहना है कि गड्ढों के कारण रात में अधिक परेशानी होती है। रेलपार के रेलवे वाले संजय गोयल का कहना है कि दो दिन पूर्व ही गड्ढों के कारण हादसा हुआ था। बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं।
- बजट की मांग की गई
बागपत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर राजन शर्मा का कहना है कि विभागीय अधिकारियों से धनराशि की मांग की गई है। लोक निर्माण विभाग प्रातीय खंड के सहायक अभियंता दीपेंद्र जायसवाल का कहना है कि मेरठ करनाल हाईवे पर शहरी क्षेत्र का टेंडर स्वीकृत हो चुका है, बरसात के बाद कार्य शुरू होगा।