रविवार दोपहर जोहर की नमाज के बाद शब-ए-बरआत की तैयारियां जोरों पर थीं। दक्षिण इस्लामाबाद में बिसातियान मस्जिद के पास अचानक जोरदार धमाका हुआ। जिसकी धमक करीब किलोमीटर तक सुनी गई। दहशत से लोगों के दिल कांप उठे। विस्फोट के बाद जब आसपास के लोग मौके की तरफ दौड़े तो सड़क पर खून ही खून बिखरा पड़ा था। करीब पांच मिनट तक तो लोग माजरा जानने की कोशिश करते रहे। जब तक लोग समझते, उस समय तक अपनों की हालत देखकर उनकी रूह कांप गई। पूरे शहर में आग की तरह यह खबर फैल गई। सरकारी अमला तुरंत दौड़ पड़ा। लेकिन घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए पुलिस प्रशासन की तमाम व्यवस्था धरीं रह गईं।
मंजर बता रहा विस्फोट की तीव्रता
यह धमाका दक्षिण इस्लामाबाद में हाजी हामिद के पावरलूम कारखाने के बाहर हुआ। कारखाने की दूसरी मंजिल पर किराए पर रहने वाले निसार का 9 वर्षीय बेटा दानिश उस समय छत से रास्ते की तरफ झांक रहा था। धमाके के साथ वह दूसरी मंजिल पर ही बेहोश हो गया। विस्फोट का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हामिद के दो मंजिला मकान सहित आसपास के कई घरों की दीवारों में दरार आ गई। जबकि एक मकान का लोहे क ा फाटक मुड़ गया। कई घरों के शीशे चकनाचूर हो गए।
नालियों का कीचड़ दीवारों पर जा लगा तो करीब आठ लोग रास्ते में खून से लथपथ होकर गिर पड़े। किसी के हाथ से खून बह रहा था तो किसी के पैर खून से लथपथ थे। घायल चिल्ला रहे थे, लेकिन आसपास के लोग अपने घरों से निकलकर भागने लगे। पांच मिनट तक घायल सड़कों पर चीखते चिल्लाते रहे।
बोलने से बचते रहे लोग
इस विस्फोट के बाद थाना लिसाड़ी गेट, ब्रह्मपुरी और नौचंदी पुलिस मौके पर पहुंची। जिस स्थान पर विस्फोट हुआ, उस जगह कई बोरे पटाखे रखे थे। यदि उनमें भी आग लग जाती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। हापुड़ अड्डा, शंभूदास गेट और भूमिया पुल तक भी लोगों ने धमाके की आवाज सुनी। कई घायल जहां बोलने की स्थिति में नहीं थे तो कुछ लोग हादसे के बाद बोलने से बचते रहे।