कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के रोड शो के कारण लोगों ने 3-4 घंटे मुसीबत झेली। रास्ते बंद होने से उन्हें लंबा सफर तय करना पड़ा और वह दफ्तर पहुंचने में भी लेट हो गए।
ट्रैफिक पुलिस ने सुबह आठ बजे से ही सर्किट हाउस की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया था। दोपहिया वाहन तक रोक दिए गए। सर्किट हाउस पर भीड़ न बढे़ इसलिए आम लोगों की एंट्री भी बंद कर दी गई। सर्किट हाउस से अंबेडकर चौराहे तक का मार्ग भी बंद कर दिया गया। इसके अलावा गढ़ रोड और साकेत की ओर से कचहरी और एमडीए दफ्तर आने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। सुबह पौने दस बजे शास्त्रीनगर से एमडीए दफ्तर में काम से आए विपुल गोयल और दिनेश बंसल को सूरजकुंड तिराहे पर रोक दिया था। वह वापस लौट गए। हापुड़ अड्डे से बेगमपुल, खैर नगर, बच्चा पार्क की ओर जाने वाले रास्ते भी रोके जाने से लोगों को परेशानी हुई। उन्हें घूमकर दूसरे रास्तों से गुजरना पड़ा। कई जगह रोड बंद होने से लोगों ने गली-मोहल्लों से अपनी बाइक, स्कूटी निकालनी शुरू कर दी, जिससे यहां भी जाम की स्थिति बनी रही। खैरनगर, बुढ़ाना गेट, थापर नगर आदि इलाकों की गलियों में भीड़ रही।
पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद और बागपत से आने वाली रोडवेज बसों और अन्य वाहनों का रूट परतापुर बाईपास से बेगमपुल की तरफ तय किया था। हालांकि रोड शो लेट होने पर सुबह आठ बजे के बजाय यह रूट लेट बंद करने से लोगों को थोड़ी राहत रही।
बच्चों को स्कूल नहीं भेजा
मेरठ। रूट डायवर्जन की वजह से कई लोगों ने अपने बच्चों को स्कूल ही नही भेजा। दरअसल, लोग मान रहे थे कि राहुल का रोड शो दोपहर 3 बजे तक चलेगा जबकि उनके स्कूलों की छुट्टी एक से दो बजे के बीच हो जाती है। ऐसे में उनकी स्कूली बस, ऑटो या रिक्शा जाम में ना फंस जाए। इसी आशंका के चलते कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।
91 पुलिसकर्मियों ने संभाली ट्रैफिक व्यवस्था
मेरठ। एसपी ट्रैफिक किरन यादव और टीएसआई दीनदयाल दीक्षित के अनुसार रोड शो के दौरान 91 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था संभाली। टीएसआई ने बताया कि जहां से रोड शो गुजरता गया, वहां से ट्रैफिक संचालन शुरू किया जाता रहा, इसलिए कहीं जाम की स्थिति नहीं बनी।