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जयंत चौधरी का काफिला रोकने पर पुलिस से भिड़े रालोदी

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मोदीपुरम (मेरठ)। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए उपद्रव के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने पहुंचे रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को पुलिस ने शहर के बाहर ही रोक लिया। इस पर रालोद कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। दादरी चेकपोस्ट और सिवाया टोल प्लाजा पर पुलिस से पार्टी नेताओं की तीखी झड़प भी हुई। हालांकि बाद में पुलिस ने अपनी कस्टडी में काफिले को मोहिउद्दीनपुर चेकपोस्ट पर छोड़कर दिल्ली रवाना कर दिया।
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शहर में धारा 144 लागू होने के कारण मंगलवार को पुलिस ने राहुल और प्रियंका गांधी के काफिले को भी परतापुर से वापस भेज दिया था। वह भी उपद्रव में मरे लोगों के परिजनों से मिलने मेरठ आना चाहते थे। बुधवार को पुलिस ने यही प्रक्रिया पूर्व सांसद जयंत चौधरी के साथ दोहराई। मुजफ्फरनगर से मेरठ आ रहे जयंत के काफिले को पुलिस ने दादरी चेक पोस्ट पर रोक लिया। उन्हें शहर में प्रवेश करने से रोका। इस पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। जयंत चौधरी ने दिल्ली जाने की बात कही तो सीओ दौराला जितेंद्र सरगम फोर्स लेकर उनके साथ-साथ चले। इसी बात को लेकर सिवाया टोल प्लाजा पर भी रालोद नेताओं की सीओ से नोकझोंक हुई। काफी देर चले हंगामे के बाद पुलिस ने जयंत चौधरी के काफिले को शहर के बाहर मोहिउद्दीनपुर चेकपोस्ट पर छोड़ा।
सीओ और पूर्व विधायक में नोकझोंक
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के स्वागत के लिए टोल प्लाजा पर क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह, जिलाध्यक्ष राहुल देव, प्रदेश प्रवक्ता सुनील रोहटा, संजय चौधरी, अभिषेक गुर्जर, पूर्व विधायक वीरपाल राठी आदि मौजूद थे। विरोध के दौरान सीओ दौराला जितेंद्र सरगम की पूर्व विधायक से नोकझोंक हो गई। आरोप है कि सीओ ने पूर्व विधायक का नाम ले लिया। इस पर वह भड़क गए। वहीं क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह ने सीओ के वर्दी नहीं पहनने पर उन्हें भाजपा एजेंट बताया। हंगामे के दौरान एक कार्यकर्ता ने कहा कि यह राहुल गांधी नहीं किसानों के मसीहा का पोता है।
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लोकतंत्र की हो रही हत्या : जयंत
इस दौरान जयंत चौधरी ने कहा कि नागरिकता सभी का अधिकार है। अपने हक के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना अपराध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा में मारे गए लोगों को पुलिस ने घर में घुसकर मारा है। यह लोकतंत्र की हत्या है। लोगों की आवाज लाठी और गोली के दम पर दबाई जा रही है। केंद्र व राज्य सरकार हर मोर्चे पर विफल हुई है। भाजपा के विधायक, सांसद, मंत्री, जिलाध्यक्ष पर कोई रोक नहीं है। यह नीति सिर्फ विपक्ष पर ही लागू की जा रही है। वहीं गन्ना किसान भी बेहाल है। जयंत चौधरी के साथ उनकी कार में शाहिद सिद्दीकी भी रहे।
ये लोग भी रहे मौजूद
युवा रालोद अध्यक्ष वसीम रजा, मुकेश जैन, डॉ. राजकुमार सांगवान, कर्नल ब्रह्मपाल, कमलजीत गुर्जर, सोहराब ग्यास, पप्पू गुर्जर, नरेंद्र खजूरी, राजीव, सुभाष, शौकेंद्र, वरुण, नासिर, धर्मेंद्र तोमर, डॉ. सुशील, संजय चौधरी, मुकेश वर्मा, सीपी सिंह, गौरव जिटौली, हरेंद्र प्रधान आदि मौजूद रहे।
आज फिर आएंगे जयंत चौधरी
जयंत चौधरी का कार्यक्रम बृहस्पतिवार को फिर से मेरठ आने का है। वह दिल्ली से कार द्वारा राजनगर एक्सटेंशन से मुरादनगर नहर से खतौली पहुंचेंगे। देरशाम चौ. अजित सिंह के निजी सचिव समरपाल सिंह ने जयंत चौधरी का कार्यक्रम जारी किया।
खुद गाड़ी चलाकर लाए जयंत
जयंत चौधरी दिल्ली से खुद गाड़ी चलाकर खतौली पहुंचे। वहां से मुजफ्फरनगर नहीं जाने दिया गया तो फिर दादरी पहुंचे। वहां से मेरठ की ओर निकले तो पुलिस ने टोल प्लाजा पर रोक लिया। इस दौरान जयंत चौधरी अपनी इनोवा गाड़ी की चालक सीट पर थे। अफरा-तफरी के बीच वह गाड़ी से नहीं उतरे। इसी दौरान सीओ उनके पास कार्यकर्ताओं की शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर उन्होंने कहा कि अगर किसी कार्यकर्ता से बदसलूकी की तो वह धरने पर बैठ जाएंगे।
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