वेस्ट यूपी के दौरे पर निकले रालोद अध्यक्ष स्पष्ट कर चुके हैं कि भाजपा को संसदीय चुनाव में शिकस्त देने के लिए गठबंधन जरूरी है। कैराना लोकसभा के उपचुनाव के नतीजे ने यह सिद्ध भी कर दिया है। पार्टी के जाट-मुस्लिम समीकरण को बनाने में जुटे छोटे चौधरी का मकसद सियासी जमीन को मजबूत करना है।
82 साल की उम्र में भी उनकी सक्रियता जज्बे को दिखा रही है। आगामी लोकसभा चुनाव में रालोद के बेहतर प्रदर्शन को लेकर रणनीति बनाने में जुटे चौधरी अजित सिंह की निगाहें सियासी पार्टियों के गठबंधन फार्मूले पर टिकी हैं।
छोटे चौधरी का आज मीरापुर में जनसंवाद
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह बुधवार को दोपहर डेढ़ बजे मुजफ्फरनगर के मीरापुर में जन संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे। प्रदेश महामंत्री सुधीर भारतीय ने बताया कि मीरापुर के शहनाई बैंक्वेट हॉल में शाम पांच बजे तक रालोद अध्यक्ष जनता से रू-ब-रू होंगे।
शहर के लोनिवि डाक बंगले पर उनका रात्रि विश्राम रहेगा। बृहस्पतिवार 20 दिसंबर को प्रात: दस बजे लोनिवि निरीक्षण भवन पर छोटे चौधरी सामाजिक संगठनों, किसानों और व्यापारियों से मुलाकात करेंगे।